माधुरी गुप्ता दोषी करार

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PAK के लिए जासूसी करने का आरोप

नई दिल्ली, शनिवार, 19 मई 2018। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राजनयिक माधुरी गुप्ता को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को संवेदनशील जानकारी सांझा करने का दोषी पाया। वह इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रेस एवं सूचना सचिव थी। माधुरी की गिरफ्तारी के 10 साल बाद यह फैसला आया है।अदालत ने उन्हे गोपनीयता अधिनियम की धारा तीन व पांच के तहत दोषी करार दिया है जिसके तहत उसे तीन साल तक की सजा हो सकती है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने माधुरी गुप्ता को 22 अप्रैल, 2010 में गिरफ्तार किया था। उसे गोपनीय जानकारी आईएसआई को देने व उसके दो अधिकारियों को मुबशर रजा राणा व जमशेद के संपर्क में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने माधुरी गुप्ता के खिलाफ आपराधिक साजिश, विश्वासघात व गोपनीयता अधिनियम के तहत 12 नवंबर, 2016 को आरोप तय किए थे। एडिशनल सेशन जज सिद्धार्थ शर्मा की बेंच ने माधुरी को जासूसी और गलत ढंग से सूचना पहुचाने के आरोपों के लिए आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत दोषी ठहराया है। 

माधुरी गुप्ता इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में द्वितीय सचिव स्तर के पद पर प्रेस एण्ड इंर्फोमेशन विंग में तैनात थी। आईएसआई को खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद उसे भारत बुलाया गया। जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक माधुरी ने पाकिस्तान को खुफिया सूचनाएं पहुंचाने का काम पहले तो जासूसी सिस्टम और सीनियर अधिकारियों से बदला लेने के चलते शुरू किया था। लेकिन बाद में वह जासूसी के इस जाल में फंस गई और उसे डरा-धमकाकर जासूसी का ये काम कराया जाने लगा।

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