कांग्रेसी नेताओं ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को कबाड़ से उठाकर सही जगह लगाया

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देवास, रविवार, 22 अप्रैल 2018। इन दिनों पूरे देश में मूर्ति वाली सियासत की हवा चल रही है. अधिकतर खबरें मूर्तियां तोड़ने को लेकर आती हैं, ऐसे में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जो काम किया है वह दिल जीतने वाला और मूर्ति वाली सियासत को नई दिशा देने वाला है. देवास के मुखर्जी नगर इलाके में नगर निगम के गोदाम में बीजेपी संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति कचरे के ढेर में पड़ी थी.

मूर्ति के आसपास शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी थी. कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को जब ये बात पता चली तब वे वहां पहुंचे और कचरे के ढेर से मूर्ति को उठाकर अच्छे से धुला, फिर पूरे सम्मान के साथ मूर्ति को नगर निगम मेयर के घर पर जाकर रख दिया. बता दें, देवास नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा है. बीजेपी के कब्जा वाले निगम के गोदाम में पार्टी के संस्थापक की मूर्ति की ऐसी दुर्दशा को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.

कबाड़ में पड़ी थी पंडित श्यामा प्रसाद की मुखर्जी
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जब पता चला कि पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति निगम के गोदाम में कबाड़ में पड़ी है तो पूर्व सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सज्जन सिंह वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट हुए और नगर निगम के गोदाम पहुंचे. पहले उनकी मूर्ति को कचरे से उठाया गया फिर पानी से अच्छे से धोया गया. अच्छी तरह से धुलाई के बाद मूर्ति का दूध से अभिषेक भी किया गया. बाद में मूर्ति को फूलों की माला पहनाई गई. सबकुछ कर देने के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ता गाड़ी में बिठाकर मेयर सुभाष शर्मा के घर पहुंचे. हालांकि उस वक्त वे अपने घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद लोगों को पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति सौंप दी.

अपने संस्थापक का तो सम्मान करो- कांग्रेस
कांग्रेसी नेताओं ने बीजेपी नेताओं को कोसते हुए कहा कि जिनकी बदौलत सत्ता मिली है, पहचान मिली है उनका सम्मान नहीं करना बहुत गलत है. कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अगर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति की जरूरत नहीं है तो इस तरह कबाड़ में रखकर उनका अनादर करना गलत है. उनका कहना था कि बीजेपी को चाहिए था कि वे उनकी मूर्ति को मल्हार स्मृति मंदिर में रख देते, जहां खंडित मूर्तियां रखी जाती हैं. कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वे इसकी शिकायत पीएम मोदी से करेंगे. एक तरफ हजारों करोड़ों की लागत से सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति बनाए जाने की प्लानिंग है, दूसरी तरफ पार्टी के संस्थापक की ऐसी हालत शर्मिंदगी से भरी है.

मेयर सुभाष शर्मा ने कहा इसकी जानकारी नहीं थी
कांग्रेस को इसी बहाने बीजेपी को कठघरे में खड़े करने का मौका मिल गया है. कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी बीजेपी की शुचिता और अनुशासन के जनक कहे जाते थे. उन्होंने ना सिर्फ बीजेपी को इतना आगे बढ़ाया, बल्कि संगठन में संगठित होकर किस तरह काम किया जाए यह भी बताया. 

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