हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

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नई दिल्ली, सोमवार, 02 अप्रैल 2018। बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में लगातार 18वें दिन की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में असमर्थता जताते हुए कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

सदन में शोर-शराबे के कारण कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे फिर से आरंभ हुई तो स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। हंगामे के बीच सरकार के कई मंत्रियों ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हंगामा कर रहे अन्नाद्रमुक के सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि उनके पास अविश्वास प्रस्ताव के कई नोटिस आए हैं और सदन में व्यवस्था होने तक इस पर चर्चा करा पाना संभव नहीं है।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने भी अन्नाद्रमुक के सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने की अपील की और कहा कि सरकार अविश्चास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को पूरे भारत के लोगों का विश्वास हासिल है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘प्रायोजित व्यवधान’ के जरिए चर्चा से भाग रही है।

वहीं राज्यसभा में आज भी कोई कामकाज नहीं हो पाया और अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के हंगामे की वजह से सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की बैठक पांच मार्च को शुरू होने के बाद से ही उच्च सदन में कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग, पंजाब नेशनल बैंक घोटाला और अनुसूचित जाति, जनजाति संबंधी कानून पर उच्चतम न्यायालय के फैसले जैसे मुद्दों पर लगातार हंगामा होता रहा है। हंगामे की वजह से बजट सत्र के दूसरे चरण में एक दिन भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया है। 

आज भी उच्च सदन में विपक्षी दलों ने खूब हंगामा किया। सभापति एम वेंकैया नायडू के आसन पर बैठते ही अन्नाद्रमुक, द्रमुक, तेदेपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा और सपा आदि दलों के सदस्य आसन के समक्ष आ गए और अपने अपने मुद्दों को लेकर हंगामा करने लगे। सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वे कम से कम आवश्यक दस्तावेज तो सदन के पटल पर रखवाने दें। ।

हंगामे के बीच ही सभापति ने दस्तावेज रखवाए। अन्नाद्रमुक और द्रमुक सदस्य कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के तत्काल गठन की मांग कर रहे थे। तेदेपा सदस्य और कांग्रेस के केवीपी रामचंद्र राव आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस और बसपा सदस्यों ने अनुसूचित जाति, जनजाति संबंधी कानून पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मुद्दा उठाया।

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