चुनाव आयोग ने SC से मांगी राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की 'सुप्रीम पॉवर'

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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने अपनी साख को और मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी अपील की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अधिकार दिए जाने की मांग की है. बताया जा रहा है इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है. अगर ऐसा हो जाता है तो आपराधिक मामलों में दंडित होने के बाद चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किए गए नेताओं के लिए नई पार्टी बनाना या पार्टी में किस पद पर रहना मुश्किल हो जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में आयोग ने कहा है कि वो पार्टियों का रजिस्ट्रेशन तो रद्द कर सकता है, लेकिन चुनावी नियम तोड़ने वाली पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई का उसे अधिकार नहीं है. इसके लिए कानून में बदलाव किया जाना चाहिए. आयोग ने जिस याचिका के जवाब में ये हलफनामा दाखिल किया है, उसमें सजायाफ्ता लोगों को पार्टी पदाधिकारी बनने या नई पार्टी बनाने से रोकने की मांग की गई थी. याचिका में ये भी कहा गया था कि अगर कोई पार्टी आपराधिक केस में दोषी नेता को पदाधिकारी बनाए रखे तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द होना चाहिए.

चुनाव आयोग केंद्र सरकार से 20 साल से कर रहा है अनुरोध
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये साफ कर दिया था कि वो दागी नेताओं को पार्टी में बने रहने या नई पार्टी बनाने से रोकने पर विचार नहीं करेगा. लेकिन, चुनाव आयोग को पार्टियों का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार न होने के मसले पर विचार करेगी. इसी मसले पर आयोग ने जवाब दाखिल किया है. आयोग ने ये भी कहा है कि वो 20 साल से केंद्र सरकार से कानून में बदलाव का अनुरोध कर रहा है. लेकिन, सरकार ने इस मसले पर सकारात्मक रवैया नहीं दिखाया है. जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने अब तक जवाब दाखिल नहीं किया है.

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