सुंजवान आर्मी कैंप हमला: सेना के 5 जवान शहीद, 4 आतंकी ढेर

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नई दिल्ली: जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए फिदायीन हमले में पांच जवान शहीद हो गए हैं. वहीं चार आतंकियों को ढेर कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि कैंप में अभी भी एक या दो आतंकी छुपे हुए हैं. सेना के मुताबिक, शहीद होने वाले पांच जवानों में से दो जेसीओ शामिल हैं. शनिवार तड़के हुए इस हमले के बाद शुरू हुई सेना की कार्रवाई अभी भी जारी है.

वहीं मुठभेड़ के दौरान एक नागरिक की भी मौत हो गई है, जिससे मृतकों की संख्या छह हो गई है. सेना प्रमुख बिपिन रावत भी शनिवार देर रात सुंजवान पहुंचे. वे खुद आतंकियों के खिलाफ हो रहे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. गोलीबारी से घायल लोगों की संख्या भी बढ़ गई है. ताजा जानकारी के अनुसार घायलों की संख्या 11 हो गई है.

शनिवार तड़के हुआ हमला
सेना की वर्दी में आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने शनिवार तड़के सुंजवान के सैन्य शिविर पर धावा बोल दिया. इस हमले में पांच सैनिक शहीद हो गए और महिलाओं, बच्चों सहित 11 अन्य लोग घायल हो गए. आतंकियों ने फैमिली क्वार्टर में घुसकर सो रहे लोगों पर गोलीबारी की, और गोले फेंके. शहीदों में सेना का एक जूनियर कमीशंड अधिकारी भी शामिल है.

अभी तक चार आतंकियों को मार गिराया गया है जबकि अन्य अभी भी कैंप में छिपे हुए हैं. शहीद जवानों की पहचान जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) मदन लाल चौधरी, गैर कमीशंड अधिकारी (एनसीओ) अशरफ अली, हवलदार हबीब उल्लाह कुरैशी, नायक मंसूर अहमद, लांस नायक मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है. वहीं गोलीबारी में मारे गए नागरिक की पहचान मोहम्मद इकबाल के पिता के रूप में हुई है.

घायलों में शहीद जेसीओ की बेटी भी
घायल नौ लोगों में पांच महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इसमें शहीद जेसीओ की बेटी भी है, जो स्कूल की छुट्टियां बिताने पिता के पास आई थी. घायलों में दो की हालत गंभीर है. रक्षा विभाग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, "सुंजवान में जारी अभियान के हिस्से के रूप में सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया है. आतंकी सेना की वर्दी में थे और एके-56 राइफलों, ढेर सारे गोला-बारूद और हथगोलों से लैस थे."

बयान में कहा गया है, "उनके सामानों से इस बात की पुष्टि हुई है कि वे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी थे. घरों में मौजूद निहत्थे सैनिकों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अभियान को अत्यंत सावधानी और संयम के साथ चलाया जा रहा है."

बयान में कहा गया है कि परिसर के 150 घरों में से अधिकांश को खाली करा लिया गया है और उसके निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. सभी आतंकियों के मारे जाने या गिरफ्तार किए जाने तक अभियान जारी रहेगा." आतंकियों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद होने के अलावा उनके पास से जेईएम के झंडे भी बरामद हुए हैं.

सेना के सतर्क होते ही फेंके हथगोले
रक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू शहर से लगे सुंजवान सैन्य शिविर के सैनिकों ने शनिवार तड़के 4.45 बजे संदिग्ध लोगों को आते हुए देखा और उन्होंने संदिग्ध आतंकियों को ललकारा. लेकिन आतंकियों ने हथगोला फेंका और गोलीबारी शुरू कर दी.

सेना के बयान के अनुसार, "घटना की सूचना मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और घरों में घुसे आतंकवादियों को अलग-थलग कर दिया. क्वार्टरों में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी की वजह से, कम से कम क्षति पहुंचाने के लिए अभियान काफी सतर्कता से आगे बढ़ाया गया."

सूत्रों का कहना है कि जूनियर कमीशंड अधिकारियों की आवासीय इमारत में आतंकवादियों के सफाए के लिए हर कमरे की तलाशी ली जा रही है. इससे पहले खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पांचवीं बरसी पर हमले की साजिश रच रहे थे. अफजल गुरु को नौ फरवरी, 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी.

पैराकमांडर्स को लाया गया, शिक्षण संस्थान बंद
छिपे हुए आतंकवादियों के सफाए के लिए उधमपुर में सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय से सेना के पैराकमांडर्स को लाया गया. सैन्य शिविर के आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों को दिनभर के लिए बंद कर दिया गया है.

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