बजट 2018: क्या यही हैं अच्छे दिन- लालू

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नई दिल्ली: मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जहां किसानों, गरीबों और महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाओं का ऐलान किया, वहीं नौकरीपेशा लोगों को कोई बड़ी राहत नहीं दी. जेटली ने इनकम टैक्स के स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया. बजट पेश होने के बाद देश के कोने-कोने से इस बजट पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं. एक ओर जहां बीजेपी के नेताओं ने इसे विकास का बजट बताया और कहा कि इस बजट से देश का विकास होगा वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने इसे निराशाजनक बजट बताने की पूरी कोशिश की.

पीएम मोदी ने वित्त मंत्री को बधाई
बजट के बाद देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "यह बजट आर्थिक विकास को गति देगा, यह सभी क्षेत्रों पर केंद्रित है. यह देश की नींव मजबूत करने वाला बजट है" उन्होंने आगे कहा, "न्यूनतम सहायता मूल्य के संबंध में निर्णय के लिए मैं वित्त मंत्री को बधाई देता हूं. मुझे यकीन है कि इससे किसानों को बहुत मदद मिलेगी."

नीतीश कुमार ने बताया- सरकार की बड़ी पहल
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के बारे में घोषणा की गई. 10 करोड़ गरीब परिवारों को लाभान्वित करने के लिए एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की गई. यह एक बड़ी पहल है. मैं सरकार को बधाई देना चाहता हूं."

अच्छे दिन यही हैं क्या
बजट पर लालू यादव ने कहा, "अच्छे दिन यही हैं क्या, किसानों के ऋण और बेरोजगारी के लिए कुछ नहीं. सब्जबाग दिखा कर लोगों को किया जा रहा है दिग्भ्रमित."

कई क्षेत्र में होगा विकास
मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये बजट बहुत शानदार है, जनता के अनरूप है. बजट से आने वाले दिनों में कई क्षेत्र में विकास होगा."

किसानों और ग्रामीण लोगों की समस्याएं बहुत बड़ी
देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्री ने किसानों के लिए सुधार करने की कोशिश की. लेकिन किसानों और ग्रामीण लोगों की समस्याएं बहुत बड़ी हैं. उपाय पर्याप्त नहीं हो सकते हैं." 

कांग्रेस ने की आलोचना
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "सरकार ने किसानों और समाज के अन्य हाशिए वाले वर्गों को सिर्फ जुबानी सेवा देने का प्रयास किया है. लेकिन यह पूरी तरह से अनुचित समय पर बहुत कम का मामला है."

इसके अलावा कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बजट को लेकर दो ट्वीट भी किए गए. पहले ट्वीट में लिखा गया है, "वित्त मंत्री जी ने 5 लाख तक आयकर छूट की बात की, तो प्रधानमंत्री जी ने 15 लाख हर एक के बैंक खाते में देने की बात कही; लेकिन कुर्सी मिलते ही ये जुमला हो गया; इस सरकार से कोई उम्मीद न करें!"

वहीं दूसरे ट्वीट में लिखा गया है, "देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाली सरकार का आखिरी पूर्ण बजट, इसके बाद देश की जनता इनको दिखायेगी बाहर का रास्ता; शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है!"

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