न्यू इंडिया को मजबूत करने वाला बजट है- PM मोदी

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नई दिल्लीः पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट 2018-19 के संसद में पेश होने के बाद देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट देश के न्यू इंडिया को मजबूत करने वाला बजट है. पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट देश के सवा सौ करोड़ लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं को मजबूत करने वाला बजट है. यह बजट फार्मर फ्रेंडली और बिजनेस फ्रेंडली ही नहीं डेवलपमेंट फ्रेंडली भी है. पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ लिविंग का भी खास ध्यान रखा गया है. पीएम मोदी ने वित्त मंत्री जेटली जी और उनकी टीम को बजट के लिए बधाई दी है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट के जरिए किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना दिलवाने की घोषणा करने पर जेटली जी मैं सराहना करता हूं. उन्होंने कहा कि सब्जी और फल पैदा करने वाले किसानों के लिए ऑपरेशन ग्रीन्स एक कारगार कदम साबित होने वाला है. हमने देखा है कि किसी तरह दूध के क्षेत्र में अमूल ने दुग्ध उत्पादन किसानों को उचित मूल्य दिलवाया है. अब सब्जी और फल पैदा करने वाले किसानों को हमारे इस कदम से लाभ मिलने वाला है. देश के अलग-अलग जिलों को ध्यान में रखते हुए वहां के कृषि उत्पादों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्टोरेज बनाने के कदम की भी मैं सराहना करता हूं.

पीएम मोदी ने कहा हमारे देश में कॉर्पोरेट सोसाइटीज को इनकम टैक्स में छूट है. लेकिन एफपीओ जो देश में आज बढ़ रहे उन्हें यह लाभ नहीं मिलता था. लेकिन अब यह लाभ इनको भी मिलेगा. इसलिए किसानों की मदद के लिए जो फारमर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन को सहकारी समितियों की तरह छूट देने का निर्णय प्रशंसनीय है. 

पीएम मोदी ने कहा कि गांवों के विकास पर सरकार का खास ध्यान है. किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को लोन मिलेगा. आयुष्मान भारत योजना का लाभ देश के 10 करोड़ लोगों को मिलेगा. गोबरधन योजना से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. उज्ज्वला योजना का लाभ देश के पिछड़े, दलित समुदाय के लोगों को मिल रहा है.पीएम मोदी ने का कि बजट से गांव की अर्थनीति मजबूत होगी.

बजट में क्या हुआ ऐलान
मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जहां किसानों, गरीबों और महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाओं का ऐलान किया, वहीं नौकरीपेशा लोगों को राहत नहीं मिली.

जेटली ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया. हालांकि सरकार ने स्टैंडर्ड डिडेक्शन की फिर से शुरुआत की है और इसके तहत 40 हजार रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया जाएगा. वहीं अब, म्युचूअल फंड की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा. सीनियर सिटिजन्स को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलेगी, पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी. शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस अब 3 फीसदी की जगह 4 फीसदी लगाया जाएगा.

कस्टम ड्यूटी बढ़ने से मोबाइल फोन और टीवी अब महंगे हो जाएंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 से 7.5 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पिछले तीन साल में भारत की औसत वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रही है.

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