कासगंज हिंसाः यह घटना यूपी के लिए कलंक के रूप में हुई है- राम नाइक

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नई दिल्लीः कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा को यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने कंलक बताया है. राज्यपाल ने आज (सोमवार) कहा कि जो कासगंज में हुआ वह किसी को शोभा नहीं देता है. सरकार को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. मालूम हो कि गणतंत्र दिवस पर विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा कासगंज के बड्डूनगर में मोटरसाइकिल रैली निकाले जाने के दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव और गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी तथा एक अन्य जख्मी हो गया था.

26 जनवरी से कासगंज में जो हिंसा भड़की उसे शान्त करने में तीन दिन लग गये. जहाँ इस हिंसा में एक युवक की मौत हो गई तो वही कासगंज का माहौल भी तनावपूर्ण हो गया. आज माहौल शान्त हुआ है शान्ति समिति की बैठक के बाद अब बाजार खुलना शुरू हो गया है. लोग रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिये अब बाहर निकल रहे हैं. शहर धीरे-धीरे वापस पटरी पर आ रहा है.

वारदात के दूसरे दिन भी शहर में हिंसा जारी रही और उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था. सोमवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते राज्यपाल राम नाइक ने कहा, 'जो कासगंज में हुआ वो किसी को भी शोभादायक नहीं है, वहां जो घटना हुई वह यूपी के लिए कलंक के रूप में हुई है. सरकार उसकी जांच कर रही है. सरकार ऐसे कदम उठाए कि फिर ऐसा ना हो सके'

आपको बता दें कि इस मामले में पुलिस ने अब तक 112 लोगों को गिरफ्तार किया है .हिंसा भड़कने के तीसरे दिन (रविवार) भी अराजक तत्वों ने एक दुकान में आग लगा दी थी. हालांकि स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया. पुलिस का दावा है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है लिहाजा अब कर्फ्यू लागू नहीं किया गया है. इलाके पर ड्रोन कैमरों की मदद से नजर रखी जा रही है.

पुलिस द्वारा रविवार रात जारी बयान के मुताबिक कासगंज हिंसा मामले में अब तक कुल 112 लोग गिरफ्तार किए गए हैं इनमें से 31 अभियुक्त हैं जबकि 81 अन्य को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. हिंसा के मामले में अब तक पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इनमें से तीन कासगंज के कोतवाल की तहरीर पर पंजीकृत हुए हैं. 

पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ जोन संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर के नदरई गेट इलाके के बाकनेर पुल के पास रविवार एक गुमटी में आग लगा दी गयी. हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हालात को जल्दी काबू कर लिया. नामजद आरोपियों के घरों पर दबिश दी जा रही है. इस दौरान कुछ हथियार बरामद किये गये हैं. पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि हिंसा में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तामील की जाएगी. घर-घर में तलाशी ली जा रही है. कुछ जगहों पर विस्फोटक तत्व बरामद हो रहे हैं.

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगाः डिप्टी सीएम
इस बीच, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कासगंज में हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निन्दा की. उन्होंने कहा कि जो लोग भी इसके लिये दोषी हैं, उनमें से एक भी व्यक्ति नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद हालात की समीक्षा की है. अपराधी चाहे जितना बड़ा या प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अब हमारे पास कड़े कानून आ गये हैं. यह गड़बड़ी करने वालों के लिये चेतावनी भी है. कुछ लोग लूटपाट कराने और आपसी मतभेद कराने कोशिश कर रहे हैं. दंगे करने वालों के साथ-साथ फसाद की साजिश करने वाले भी दण्डित होंगे.

मायावाती का योगी सरकार पर वार 
इस बीच, बसपा अध्यक्ष मायावती ने कासगंज में हुए उपद्रव का जिक्र करते हुए कहा कि सूबे में जंगलराज है. इसका ताजा उदाहरण कासगंज की घटना है जहां हिंसा की आग अब भी शांत नहीं हुई है. बसपा इसकी कड़ी निन्दा के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा देने की मांग करती है. उन्होंने कहा कि खासकर बीजेपी शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा महाराष्ट्र आदि में अपराध-नियन्त्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित तथा विकास का बुरा हाल है. इससे यह साबित होता है कि बीजेपी एण्ड कम्पनी का हर स्तर पर घोर अपराधीकरण हो गया है.

सपा ने भी योगी सरकार को घेरा
सपा उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने कासगंज की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि हमेशा चुनाव के पहले दंगा होता है. मुजफ्फरनगर में भी लोकसभा चुनाव से पहले दंगा हुआ था. कासगंज में भी दंगा हुआ. चुनाव से पहले ही क्यों दंगा होता है. इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चािहये.

क्या था पूरा मामला 
गणतंत्र दिवस पर विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा कासगंज के बड्डूनगर में मोटरसाइकिल रैली निकाले जाने के दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव और गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गयी थी तथा एक अन्य जख्मी हो गया था.

वारदात के दूसरे दिन भी शहर में हिंसा जारी रही. उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था. प्रशासन ने आज रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके. रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी के जवान लगातार चैकसी कर रहे हैं. जिले की सीमाएं सील कर दी गयी हैं ताकि शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को शहर में प्रवेश से रोका जा सके.

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