चारा घोटाले के बाद भी सुधरने वाले नहीं हैं, लालू आदतन अपराधी हैं- सुशील मोदी

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रांची : चारा घोटाले में चाईबासा ट्रेजरी से जुड़े 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के तीसरे मामले में सीबीआई विशेष अदालत ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई. साथ ही उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. सीबीआई के विशेष जज एसएस प्रसाद की अदालत ने लालू और जगन्‍नाथ मिश्रा समेत 50 अन्‍य आरोपियों को भी दोषी करार दिया था.

लालू को दोषी दिए जाने के बाद उनके पुत्र एवं बिहार के पूर्व उप मुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने नीतीश कुमार पर लालू को फंसाने का आरोप लगाया, इसके बाद बिहार सरकार की तरफ से आई प्रतिक्रिया में उप मुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि 'लालू तो आदतन अपराधी हैं'.

लालू प्रसाद यादव सुधरने वाले नहीं हैं- सुशील मोदी
सुशील मोदी ने कहा कि 'चारा घोटाले के बाद भी लालू प्रसाद यादव सुधरने वाले नहीं हैं'. तेजस्‍वी द्वारा लालू को भाजपा और आरएसएस द्वारा फंसाए जाने का आरोप लगाए जाने पर डिप्‍टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि, 'सीबीआई कोर्ट के जज किसी पार्टी के नहीं हैं'. उन्‍होंने आगे कहा‍ कि 'बेनामी संपत्ति के लिए लालू ने सत्‍ता का दुरुपयोग किया'.

आरजेडी की तरफ से आया बयान दुर्भाग्यपूर्ण- सुशील
सुशील मोदी ने न्‍यूज एजेंसी ANI से भी बातचीत में कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है, इसकी उम्मीद थी. आरजेडी की तरफ से आया बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं. क्या उनका यह कहना है कि जज भाजपा और नीतीश जी के साथ षड्यंत्रण कर रहे हैं? 

चाइबासा खजाने से 1992-1993 में धोखे से 33.67 करोड़ रुपये निकाले जाने का है मामला
उल्‍लेखनीय है कि चारा घोटाले के तीसरे मामले में बुधवार को एक विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं जगन्नाथ मिश्रा और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को दोषी करार दिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक विशेष अदालत के न्यायाधीश एसएस प्रसाद ने चाइबासा खजाने से 1992-1993 में धोखे से 33.67 करोड़ रुपये निकाले जाने के मामले में फैसला सुनाया.

लालू प्रसाद यादव और अन्य दोषियों पर नकली आवंटन पत्रों के माध्यम से चाइबासा खजाने से 33.67 करोड़ रुपये निकाले का आरोप था. सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को बरी कर दिया. यह चारा घोटाले का तीसरा मामला है, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद को दोषी ठहराया गया है.

देवघर कोषागार मामले में सुनाई जा चुकी है साढ़े तीन साल की सजा
इससे पहले इससे पहले बीते 6 जनवरी को चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया था. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने सजा की अवधि पर बहस पूरी होने के बाद उन्हें सजा सुनाई थी. अदालत ने गतवर्ष 23 दिसंबर को इस घोटाले के संबंध में लालू प्रसाद और 15 अन्य को दोषी करार दिया था.

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