बवाना फैक्ट्री अग्निकांड : फैक्ट्री का मालिक गिरफ्तार

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गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

नई दिल्ली: पुलिस ने बवाना में पटाखा फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. यहां लगी भीषण आग में जलकर 17 लोगों की मौत हो गयी थी. रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रजनीश गुप्ता ने बताया कि फैक्ट्री के संचालक मनोज जैन को गिरफ्तार किया गया है. जांच में पता चला कि यह फैक्ट्री स्टेज शो और होली समारोह में इस्तेमाल होने वाले पटाखों की थी. उन्होंने कहा कि मौके से मिले पटाखों के पैकेट से भी ऐसे ही संकेत मिलते हैं.

डीसीपी ने कहा कि जैन ने एक जनवरी से फैक्ट्री किराये पर ली थी. उन्होंने कहा कि हादसे में मारे गये सात लोगों की पहचान बेबी देवी (40), अफसाना (35), सोनम (23), रीता (18), नदीन (55), राखो (65) और धर्मा देवी (45) के तौर पर हुई है. आग दो मंजिला इमारत के भू-तल पर स्थित भंडारण इकाई से शुरू हुई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. 

पुलिस ने कहा कि इस संबंध में गैर इरादतन हत्या और आग व ज्वलनशील पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. जैन को पकड़ा गया और उससे पूछताछ की गयी. जैन के दूसरे साझेदार की पहचान ललित गोयल के तौर पर हुई है. घायल मजदूर में से एक ने पुलिस को बताया कि पटाखे बाहर से लाये जाते थे और यहां सिर्फ उनकी पैकिंग की जाती थी. 

मृतकों में 10 महिलाएं
पुलिस ने मिली जानकारी के मुताबिक, इस अग्निकांड में 10 महिलाएं और 7 पुरुषों की मौत हुई है. कई और लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है. कई लोग जान बचाने के लिए पहली मंजिल से ही कूद गए थे, ये लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि गोदाम मालिक मनोज जैन को हिरासत में ले लिया गया है. फैक्टरी के पास पटाखों का लाइसेंस है या नहीं इस बात की जांच की जा रही है. दिल्ली सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

नीचे बारूद, ऊपर प्लास्टिक से भड़की आग
पुलिस ने बताया कि आग पटाखा, प्लास्टिक और ऑयल फैक्ट्रियों में शनिवार दोपहर 3:30 बजे लगी थी. आग एक फैक्ट्री से दूसरी फैक्ट्री में फैलती रही. आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियों ने करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया. जानकार बताते हैं कि इस फैक्टरी तथा गोदाम में 50 से अधिक लोग काम करते हैं. तीन मंजिलों में काम होता है.

बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में नीचे पटाखा और ऊपर रबड़ की फैक्ट्री थी. इससे आग तेजी से फैली और इमारत में मौजूद लोगों को बचने का मौका ही नहीं मिला. पहली मंजिल पर 13, ग्राउंड फ्लोर पर तीन और बेसमेंट में एक शव मिला है. सभी शव इतने बुरी तरह जल चुके हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल था.

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