कोलकाता में भाजयुमो बाइक रैली के दौरान भिड़े बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ता

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नई दिल्लीः स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल बीजेपी युवा मोर्चा द्वारा आयोजित बाइक रैली के दौरान शुक्रवार को कोलकाता में हिंसा की खबर आई. बीजेपी की बाइक रैली जैसे ही आज सुबह कोलकाता के जोर बाग एरिया में पहुंची तभी टीएमसी कार्यकर्ता वहां पहुंचे और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई.

बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला किया जबकि राज्य की सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी से कार्यकर्ताओं की पिटाई की है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा कोलकाता में पार्टी कार्यालय पहुंचे. थोड़ी देर बाद बीजेपी की तरफ से खबर आई की पार्टी ने अपनी बाइक रैली रोक दी है. 

हाईकोर्ट ने BJYM की रैली की इजाजत दी
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार (11 जनवरी) को पश्चिम बंगाल सरकार की एक अपील को खारिज करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) को राज्य में मोटरसाइकिल रैली निकालने की इजाजत दे दी. राज्य सरकार ने सुरक्षा इंतजामों के अभाव का हवाला देते हुए इस प्रस्तावित रैली को स्थगित करने की मांग करते हुए अपील दायर की थी. भाजपा की युवा इकाई भाजयुमो ने आठ दिनों के मोटरसाइकिल रैली की योजना बनाई है.

West BengalYouth BJP workers allege they were attacked during their bike rally in Kolkatapic.twitter.com/UJvABhrrOB

— ANI (@ANI) January 12, 2018

यह रैली दक्षिण बंगाल के कोनटाई से शुरू होगी और 18 जनवरी को उत्तर बंगाल के कूचबिहार में इसका समापन होना है. दरअसल, रैली आयोजित करने की इजाजत देने वाले एकल न्यायाधीश के बुधवार (10 जनवरी) के फैसले के विरोध में राज्य सरकार ने अपील दायर की थी और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया था क्योंकि गंगासागर मेले में बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गयी है .

Car of observer appointed by the division bench of Calcutta High court to overlook BJP's bike rally vandalised on it's way to the rally in Kolkata pic.twitter.com/lH7nA6SJVD

— ANI (@ANI) January 12, 2018

राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश जे भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने रैली पर निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की और कहा कि कानून-व्यवस्था का कोई भी उल्लंघन होने या तय मार्ग से हटने की स्थिति में रैली को रद्द किया जा सकता है. अदालत ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह विशेष अधिकारी को उचित सहायता मुहैया कराए.

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