राज्यसभा में अटका तीन तलाक बिल

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यूपी में रोज सामने आ रहा है ट्रिपल तलाक का दर्द

नई दिल्ली: भारत में ट्रिपल तलाक पर जारी राजनीतिक द्वंद कब खत्म होगा, कब इस पर आम सहमति बनेगी, कानून कब बनेगा ये सारे सवाल फिलहाल निरुत्तर हैं. बीजेपी लगातार अन्य राजनीतिक दलों के साथ प्रस्तावित कानून पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन इस बीच देश के विभिन्न हिस्सों से तीन तलाक के कई मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला यूपी के गोण्डा जिले का है जहां दिव्यांग बीमार बेटी के इलाज के लिए पैसा मांगने पर पति ने फोन पर ही 17 साल पुरानी शादी तोड़ दी और तीन तलाक बोल दिया. सुख-दुख में साथ देने वाले रिश्ते में पल भर में कोहराम मच गया. दरअसल, ये मामला यूपी के गोण्डा जिले के वजीरगंज के बाल्हराई गांव का है जहां अब्दुल सत्तार ने 17 वर्ष पूर्व अपनी बेटी सकीना बानो की शादी क्षेत्र के ही चड़ौवा गांव निवासी मुबारक अली के साथ की थी. उसे क्या पता था बेटी को इतने साल बाद तलाक का दर्द सहना पड़ेगा. फिलहाल सकीना तीन तलाक के दर्द को समेटे पिता के घर यानी मायके में पति के आने के सपने संजोये बैठी है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कर रही है. 

इस छोटी सी बात के चलते तोड़ दी 17 साल पुरानी शादी
तीन तलाक की पीड़िता सकीना बानो का शौहर (पति) मुबारक अली मुंबई में नौकरी करता है और दोनों की एक लड़की करिश्मा भी है जिसकी उम्र 14 वर्ष है. सकीना का शौहर मुबारक साल में कभी-कभार ही गांव आता है और दो-चार दिन रहने के बाद वापस चला जाता है. बीवी कभी मायके और कभी ससुराल में रहती रही और अब तक शौहर उसे नियमित पैसे भेजता रहा. बेटी के दिव्यांग और बीमार होने की फिक्र पत्नी को बनी रहती थी. हाल ही में एक दिन बेटी की तबीयत कुछ ज्यादा खराब होने पर जब सकीना ने शौहर को फोन कर अपना दुखड़ा सुनाया तो वह गुस्से में आगबबूला हो गया और फोन पर ही तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कह तलाक दे दिया.

बेटी के लिए मां कानून की लड़ाई लड़ लेगी अपना हक
यही नहीं सकीना के शौहर ने तीन तलाक की बात अपने घरवालों को भी बता दी जिसके बाद उसके ससुराल वालों ने सकीना को मायके भेज दिया. सकीना अब मायके में ही रह रही है. कभी-कभी अपने शादी का अलबम पलट कर रो लेती है. मोबाइल फोन पर तलाक का दंश सहने वाली सकीना कहती है कि वह अपने हक के लिए लड़ेगी चाहे कोर्ट कचहरी या थाने जाना पड़े. वहीं उसने यह भी कहा कि वह कमजोर नहीं है अपनी बेटी के लिए सब करेगी. दूसरी ओर सकीना के पिता भी इस दुख में दुखी हैं और बेटी के गम में सिर्फ रो सकते हैं इसके सिवाय कुछ भी नहीं कर सकते.

सुल्तानपुर: पहले घर से निकाला अब दो साल बाद मैसेज भेज कर दे दिया तीन तलाक
तीन तलाक का दंश मुस्लिम महिलाओं को लगातार झेलना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला सुल्तानपुर जिले के नन्दौली गांव का भी सामने आया है. यहां एक मुस्लिम महिला को अपने घर से निकालने के दो साल बाद उसके पति ने सऊदी अरब से मोबाइल पर मैसेज भेज कर तलाक दे दिया है. एक ओर जहां इस तलाक को लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है वहीं युवती अपने 5 साल ले मासूम बच्चे को लेकर न्याय के लिये भटक रही है. ये मामला बल्दीराय थानक्षेत्र के नन्दौली गांव का है. जहां इसी गांव के रहने वाले मोइन ने अपनी बेटी रुबी का निकाह करीब 6 साल पहले अमेठी जिले के मुसाफिर खाना के रहने वाले हाफीज से किया था. निकाह को लेकर जो सपने रूबी ने देखे थे एक बाइक की मांग के आगे वो चकनाचूर हो गए.

दहेज में मांगी गई बाइक न दे पाने के एवज में रूबी को ससुराल वालों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. बात जब हद से गुजरी तो रूबी अपने तीन साल के बेटे को लेकर वापस अपने मायके आ गई. एक उम्मीद थी कि रूबी का घर फिर से आबाद हो सकता है, लेकिन रूबी के परिवार वाले ये इंतजार करते रह गए. अभी बीते 18 दिसंबर 2017 को सऊदी अरब में खराद का काम कर रहे रूबी के पति हफीज ने मोबाइल पर एक मैसेज भेज कर रूबी और उनके परिवार वालों की उम्मीद पर पानी फेर दिया. इस मैसेज में हफीज ने रूबी को तीन तलाक लिख कर भेजा था लिहाजा गांव में मजहब के आधार पर इसे तलाक मान लिया गया. इस मैसेज के बाद से रूबी की आखिरी उम्मीद भी खो गई. अब सबसे बड़ी चिंता उसे अपने बेटे की है.

गांव के बाहर चाय की दुकान लगाकर मोइन ने अपनी बेटी के लिये जो सपना देखा था वो बीते 18 दिसंबर 2017 को धरा रह गया. दो साल पहले बेटी को ससुराल वालों ने घर से भगा दिया उसके बाद अब 18 दिसंबर को मोबाइल पर मैसेज भेज कर उसके सपने चकनाचूर कर दिये. पीड़ित पिता न्याय के लिये कोर्ट की शरण लेने की बात कह रहा है.

लखीमपुर खीरी: दहेज में नहीं मिली भैंस और मोटरसाइकल तो दे दिया तीन तलाक
एक तरफ केंद्र सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून लाने में जुटी है. वहीं दूसरी ओर तीन तलाक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का है, जहां दहेज में भैंस और मोटरसाइकल न मिलने पर एक महिला को उसके पति ने तीन तलाक दे दिया. जानकारी के मुताबिक लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र के गांव बथुवा टांड़ा निवासी जामुद्दीन ने अपनी लड़की आसमीना की शादी निघासन थाना क्षेत्र के गांव गदियाना टांड़ा निवासी इकरार अली के पुत्र दीवान अली से की थी.

रामपुर: दहेज उत्पीड़न और अप्राकृतिक यौन संबंध के बाद पति पर लगा तीन तलाक का आरोप
2 महीने पहले रामपुर में पति पर दहेज उत्पीड़न और अप्राकृतिक यौन संबंध का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने अब पति पर नए आरोप लगाते हुए काला रंग होने पर तलाक देने का आरोप लगाया है. पुलिस अब नए आरोपों पर भी जांच में जुट गयी है.

जानकारी के मुताबिक रामपुर के कोतवाली गंज क्षेत्र के हजरतपुर गांव में 2 महीने पहले 20 नवंबर 2017 को 'अमरीन' ने अपने पति पर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. अब इसी महिला ने पति द्वारा काला रंग होने के चलते पति पर तलाक देने का नया आरोप लगाया है.

दो माह पूर्व दर्ज हुए इस मामले में दहेज उत्पीड़न के आरोप थे, जिसके चलते मामला काउंसिलिंग की प्रक्रिया में चल रहा है. अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने जैसे मामले में पुलिस जांच कर रही है. नये आरोपों का महिला द्वारा कराई गई एफआईआर में कहीं जिक्र नहीं है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर महिला अपने बयानों में कोई नया आरोप लगाती है तो उस बिंदु को भी जांच में सम्मिलित किया जाएगा.

 

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