गुजरात में मंत्रालय को लेकर घमासान

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डिप्टी सीएम नितिन पटेल दे सकते हैं इस्तीफा

नई दिल्लीः गुजरात में बीजेपी की सरकार बने अभी दस दिन भी नहीं हुए और डिप्टी सीएम नितिन पटेल की नाराजगी की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि नितिन पटेल अपने पुराने मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक नितिन पटेल ने इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी भी लिखी. इस चिट्ठी में पटेल ने लिखा है कि 'इस बार के सरकार गठन में उनका पोर्टफोलियो कम कर दिया गया है, यह उनका अपमान है, उन्हें दो से तीन दिन के अंदर वित्त और शहरी विकास समेत अपने पूर्ववर्ती सभी मंत्रालय वापस मिलने चाहिए वरना उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए.'

जी मीडिया के सहयोगी अखबार डीएनए में प्रकाशित खबर के मुताबिक नितिन पटेल ने मनचाहा पोर्टफोलियों नहीं मिलने पर इस्तीफे की धमकी दी है. हालांकि नितिन पटेल ने पीएम मोदी और अमित शाह को किसी तरह की चिट्ठी लिखने की बात से इंकार किया है लेकिन उन्होंने अपने पोर्टफोलियों को लेकर अपनी असहमति की बात को स्वीकारा है, नितिन पटेल ने डीएनए से कहा है, 'इसमें कुछ गलत नहीं है कि मैं अपने पूर्ववर्ती मंत्रालय की मांग कर रहा हूं, यह मेरे आत्मसम्मान का प्रश्न है. ऐसे डिप्टी सीएम रहने का क्या फायदा जब मेरे पोर्टफोलियो को ही घटा दिया गया हो. मैंने अपनी असहमति सही व्यक्ति तक पहुंचा दी है.'

डीएनए सूत्रों के मुताबिक नितिन पटेल ने पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल के साथ बंद कमरे में बैठक भी की है. ऐसी खबरें हैं कि सीएम विजय रूपाणी उन्हें मनाने में जुटे हुए हैं. आपको बता दें कि पिछली गुजरात सरकार में नितिन पटेल के पास वित्त, शहरी विकास, उद्योग और राजस्व मंत्रालय था लेकिन इस बार वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया जिससे नाराज उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अब तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है. पटेल समझौता करने के मूड में नहीं क्योंकि गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में भी वह देर पहुंचे थे. शाम 5 बजे शुरू होने वाली बैठक में रात नौ बजे आए. 

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपने पास गृह, बंदरगाह एवं खदान, शहरी विकास, पेट्रोलियम, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण और सामान्य प्रशासन सहित कई विभाग रखे हैं. वहीं उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल को सड़क एवं निर्माण, स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, नर्मदा, कल्पसार एवं कैपिटल परियोजना जैसे विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

विधायकों में भी है नाराजगी 
खबरों की मानें तो गुजरात में विधायकों का एक धड़ा भी चल रहा है नाराज चल रहा है, बताया जा रहा है कि वडोदरा के विधायक राजेन्द्र त्रिवेदी भी पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं इस वजह है वडोदरा से किसी भी विधायक का कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाना. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक भड़के राजेन्द्र त्रिवेदी ने 10 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ने की धमकी दी है. वहीं साउथ गुजरात के भाजपा विधायक भी सरकार में इस रीजन से मंत्री न बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं.

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