मुस्लिम सांसद से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा शुक्रिया तो मिला यह जवाब

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नई दिल्लीः संयुक्त राष्ट्र में येरुशलम के मुद्दे पर भारत का अमेरिका और इजरायल के खिलाफ वोट देने के लिए असम से लोकसभा सासंद बदरुद्दीन अजमल ट्विटर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का धन्यवाद दिया. बदरुद्दीन असम की ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के नेता हैं. इसके बाद सुषमा स्वराज ने जब धन्यवाद स्वीकारते हुए AIUDF सांसद से बीजेपी के पक्ष में वोट करने की बात कही तो, सांसद महोदय ने करारा जवाब दिया.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और AIUDF के सांसद बदरुद्दीन अजमल के बीच हुए ट्वीट सोशल मीडिया में काफी चर्चा का विषय बन गए. अजमल ने संयुक्त राष्ट्र में यरुशलम के मुद्दे पर भारत का अमेरिका और इजराइल के खिलाफ वोट देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया. 

Thanks Government of India for voting in the UN against US decision of Jerusalem as Israel's capital.@SushmaSwaraj

— M Badruddin Ajmal (@BadruddinAjmal) December 22, 2017

इसके बाद सुषमा ने उन्हें जवाब में कहा कि शुक्रिया आप हमारे लिए वोट दीजिएगा.

Thank you Ajmal Sahib. Now you vote for us. https://t.co/OsQPv4PNDe

— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) December 22, 2017

सुषमा स्वराज के इस ट्विट का अकमल ने करार जवाब देते हुए कहा कि वह कभी भी सत्तारुढ़ दल का साथ नहीं दे सकते है. उनका बीजेपी में आने का सवाल ही नहीं उठता है.

Our vote is always for India, Madam. The day BJP does not differentiate between Majority and Minority community, our vote will be for you. https://t.co/yLoEoCazqD

— M Badruddin Ajmal (@BadruddinAjmal) December 23, 2017

बदरुद्दीन ने लिखा, 'मैडम, हमारा वोट हमेशा भारत के लिए है, जिस दिन बीजेपी बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच अंतर करना छोड़ देगी, उस दिन मेरा वोट आपके लिए होगा.' 

क्या था पूरा मामला
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर को एक प्रस्ताव पास कर अमेरिका से यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के फैसले को वापस लेने को कहा है. पिछले कुछ समय से लगभग हर मोर्चे पर अमेरिका का साथ देने वाले भारत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद भी यरुशलम के मुद्दे पर विरोध में वोट किया है. भारत सहित दुनिया के 128 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में यरुशलम को इजरायल की राजधानी मानने से मना कर दिया.

केवल 9 देशों ने ही अमेरिका के प्रस्ताव का समर्थन किया. 35 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी भरे लहजे में कहा था कि जो भी देश यरुशलम के मसले पर उसके पक्ष में वोट देंगे, उन्हें आर्थिक मदद देने में अमेरिका कटौती करेगा.

6 साल में पहली बार किया वीटो का इस्तेमाल
यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को वापस लेने के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रखे गये प्रस्ताव के खिलाफ अमेरिका ने वीटो का इस्तेमाल किया है. पिछले छह वर्षों में पहली बार अमेरिका ने किसी प्रस्ताव को वीटो किया है. ट्रंप ने छह दिसंबर को अपनी घोषणा में कहा था कि वह यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देंगे और अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर यरूशलम में स्थापित करेंगे. उनकी घोषणा के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इसकी कटु आलोचना की जा रही है.

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