Gujarat Verdict: दलित नेता जिग्‍नेश मेवाणी को जीत पर मिली इन नेताओं से सीख

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नई दिल्‍ली: गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे अब सामने आने लगे हैं. ऐसे में सबसे पहले जीत का सेहरा पहनने वालों में राज्य की चर्चित सीटों में शुमार वडगाम सीट से निर्दलीय उम्मीदवार जिग्नेश मेवाणी का नाम सामने आया है. जिग्नेश मेवाणी 21,000 वोट से जीत चुके हैं.

ऐसे में उन्‍हें कुमार विश्‍वास से लेकर योगेंद्र यादव तक कई राजनीतिक दिग्‍गजों से तारीफ मिली है. स्‍वराज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष योगेंद्र यादव न लिखा, 'गुजरात चुनाव में तुम्‍हारी शानदार जीत पर तुम्‍हें बहुत-बहुत बधाई जिग्‍नेश. तुम्‍हारे माध्‍यम से विधानसभा में एक अच्‍छे प्रतिनिधित्‍व की उम्‍मदी है.'

वहीं कुमार विश्‍वास ने जिग्नेश को बधाई देते हुए लिखा, 'संघर्ष की पहली लोकतांत्रिक विजय पर अशेष बधाई जिग्‍नेश. आशा है आंदोलनकारी भाषा विधानसभा में भी उसी चेतना से मुखरित होगी.'

Congratulations @jigneshmevani80 for a well deserved win in Gujarat elections. Look forward to an effective representation in the Vidhan Sabha through you.

— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) December 18, 2017

संघर्ष की पहली लोकतांत्रिक विजय पर अशेष बधाई @jigneshmevani80 आशा है आंदोलनकारी भाषा विधानसभा में भी उसी चेतना से मुखरित होगी

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) December 18, 2017

जिग्‍नेश मेवाणी गुजरात के प्रसिद्ध दलित नेता हैं जो पिछले एक साल में मुखर रूप से सामने आए हैं. जिग्नेश गुजरात की राजनीति 'तिकड़ी' के सदस्य हैं. कांग्रेस ने हार्दिक के साथ-साथ जिग्नेश को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर शुरुआत में कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई. बाद में 27 नवंबर को मेवाणी ने चुनावी समर में कूदने की घोषणा कर दी. कांग्रेस ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए अपना उम्मीदवार मेवाणी के सामने नहीं उतारा.

जिग्नेश मेवाणी बनासकांठा जिले की वडगाम सीट से चुनाव लड़ रहे थे. वडगाम सीट पर पिछले चुनावों में कांग्रेस का कब्जा था. मेवाणी के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस ने अपने वर्तमान विधायक मणिभाई वाघेला को चुनाव नहीं लड़ने का निर्देश दिया था. जिग्नेश मेवाणी को आम आदमी पार्टी ने भी समर्थन देने का ऐलान किया था. उधर, बीजेपी ने इस सीट से विजय चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया था.

वडगाम एससी सुरक्षित सीट है. इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. पिछले चार में से तीन चुनाव कांग्रेस ने यहां से जीते हैं. सिर्फ 2007 में बीजेपी को इस सीट पर जीत मिली थी. 2011 की जनगणना के मुताबिक वडगाम की कुल जनसंख्या तकरीबन ढाई लाख के आस-पास है जिसमें 16.2 प्रतिशत एससी और 25.3 प्रतिशत मुस्लिमों की संख्या है. ये दोनों ही कांग्रेस के कोर वोटर रहे हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के मणिराम वाघेला ने 90000 के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी.

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