केरल: दलित छात्रा से बलात्कार और हत्या मामले में दोषी को मौत की सजा

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कोच्चि. केरल में पिछले साल 30 वर्षीय लॉ की छात्रा से बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई गई. एर्नाकुलम की प्रधान सत्र अदालत के न्यायाधीश एन अनिल कुमार ने अमीरुल इस्लाम को मौत की सजा सुनाई. इस्लाम मूलत: असम का निवासी है लेकिन मजदूरी करने केरल आया था. इस्लाम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ए) के तहत दोषी पाया गया जिसके बाद उसे महिला से बलात्कार के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई। अदालत बुधवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया।

बचाव पक्ष की मांग 
बचाव पक्ष के वकील ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. वकील का कहना है कि अमीरुल इस्लाम सिर्फ असमी भाषा समझता है. उन्होंने केरल पुलिस पर भी निष्पक्ष व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया. बहरहाल, अदालत ने बचाव पक्ष के वकील की ओर से दाखिल आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह आवेदन कानून के मुताबिक नहीं है.

DNA टेस्ट से साबित हुआ मामला
मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने आरोप साबित करने के लिए DNA टेस्ट और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की. इस्लाम पर 28 अप्रैल 2016 को पेरुम्बावूर में महिला का बलात्कार और हत्या करने का आरोप लगाया गया था. गत वर्ष अप्रैल से शुरू हुए मुकदमे के दौरान 100 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. 

क्या है पूरा मामला
दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिला का उसके घर पर हत्या किए जाने से पहले नुकीले औजारों से बर्बर तरीके से उत्पीड़न किया गया. घटना के तुरंत बाद इस्लाम पेरुम्बावूर छोड़कर भाग गया. घटना के 50 दिन बाद तमिलनाडु के कांचीपुरम से उसे गिरफ्तार किया गया. इस मामले में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 1,500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की.

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