मनी लांड्रिंग मामला: CM वीरभद्र के LIC एजेंट ने कोर्ट से मांगी अंतरिम जमानत

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नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की कथित रूप से संलिप्तता वाले, धन शोधन के एक मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान ने अंतरिम जमानत के लिए यहां की एक विशेष अदालत का रुख किया है. चौहान की ओर से दाखिल याचिका में भतीजी के विवाह में शामिल होने की अनुमति मांगी गई है. आरोपी की ओर से वकील तरन्नुम चीमा ने अपने मुवक्किल के लिए 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है. चौहान को जांच अधिकारी के साथ सहयोग नहीं करने पर पिछले वर्ष नौ जुलाई को धन शोधन कानून के तहत चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था.

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश वकील एनके मत्ता ने अदालत में कहा था कि चौहान से पूछताछ के दौरान यह पाया गया कि एक एलआईसी एजेंट के तौर पर उसने आय से अधिक संपति को एलआईसी की पॉलिसीज में निवेश करके उन्हें सफेद करने का तरीका अपनाया था.

एजेंसी ने आरोप लगाया कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए चौहान के जरिए अपने और अपने परिजन के नाम पर एलआईसी की पॉलिसियों में खासी रकम निवेश की थी. सीबीआई ने भी इस पर एक मामला दर्ज किया है और 82 वर्षीय सिंह, उनकी पत्नी, चौहान तथा अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. सिंह और अन्य आरोपियों ने सीबीआई और ईडी के आरोपों से इनकार किया है.

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