उच्च न्यायालय ने केंद्र से एनसीपीसीआर में नियुक्तियों में विलंब का कारण पूछा

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नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) में तीन सदस्यों की नियुक्ति में हो रही अत्यधिक देरी का कारण स्पष्ट करने को कहा। एनसीपीसीआर इस समय अपनी पूर्ण प्रशासनिक क्षमता से नीचे काम कर रहा है। आयोग में छह सदस्य और एक प्रमुख के पद का प्रावधान है लेकिन इस समय उसमें छह में से केवल तीन सदस्य हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की एक पीठ ने रिक्तियों को भरने में हो रही देरी पर गंभीर नाराजगी जताते हुए केंद्र के वकील को चेतावनी दी कि वह संबंधित मंत्रालय के किसी वरिष्ठ अधिकारी की व्यक्तिगत पेशी के लिए कठोर प्रक्रिया अपनाएगी। पीठ ने कहा कि 90 दिन की एक वैधानिक सीमा है जिसके भीतर एनसीपीसीआर में रिक्तियों को भरने की जरूरत है। उसने केंद्र के वकील कुशल कुमार से नियुक्तियों को लेकर एक हफ्ते के भीतर समय सीमा बताने को कहा। हालांकि वकील ने पदों को भरने के लिए और समय मांगा।

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