मध्‍य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से भी बेहतर- CM चौहान

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नई दिल्‍ली: अमेरिका की चमचमाती इमारतें और शानदार सड़कें भले ही दुनिया के कई मुल्‍कों को आकर्षित करती हों लेकिन यूएस की यात्रा पर गए मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लगता है कि यूएस की सड़कें बहुत रास नहीं आईं. निवेशकों को आकर्षित करने के इरादे से वहां गए शिवराज चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ''जब वाशिंगटन एयरपोर्ट से बाहर निकलकर सड़क पर मैंने यात्रा की तो लगा कि अमेरिका की सड़कों की तुलना में मध्‍य प्रदेश की सड़कें ज्‍यादा बेहतर हैं.''

उन्‍होंने मुस्‍कुराते हुए यह भी कहा कि मैं ये बात यूं ही नहीं कह रहा हूं, हमने राज्‍य में 1.75 लाख किमी सड़कें बनाई हैं और सभी गांवों को सड़कों से जोड़ा है. उल्‍लेखनीय है कि अमेरिकी रोड नेटवर्क का दायरा तकरीबन 65.8 लाख किमी में फैला है और इस आधार पर इसको दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा रोड नेटवर्क कहा जाता है. 

When I got down at Washington Airport & travelled on roads, I felt roads in MP are better than US: Madhya Pradesh CM in Washington DC pic.twitter.com/saMTLqKDqT

— ANI (@ANI) October 24, 2017

जलवायु परिवर्तन की चुनौती 
इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए भारत कदम उठा रहा है और अमेरिका सहित सभी देशों को भी दुनिया को बचाने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए.

अमेरिकी थिंक टैंक, 'फाउंडेशन आफ इंडिया एंड इंडियन डायसपोरा' तथा भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में चौहान ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का एकात्म मानववाद के दर्शन और समकालीन विश्व में इसकी प्रासंगिकता की चर्चा की.

अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर गए चौहान ने 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय डायलॉग' के उद्घाटन समारोह के अपने संबोधन में कहा, ''अमेरिका सहित सभी देशों को (धरती माता को बचाने तथा सुरक्षित करने के लिए) संकल्प लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो पृथ्वी किसी के रहने योग्य नहीं रह जाएगा.'' ''अभिन्न मानववाद: भारतीय विचारों के लिए 21 वीं सदी का समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति" नामक यह परिसंवाद यहां सीनेट रसेल बिल्डिंग के ऐतिहासिक कैनेडी काकस कक्ष में हुआ.

मुख्यमंत्री ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय ने कहा था कि प्रकृति के साथ आदर और गौरव के साथ पेश आना चाहिए. सांसदों, अमेरिकी कांग्रेस के सहयोगियों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों से भरे समारोह को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा है कि प्रकृति का शोषण नहीं बल्कि उसका उचित इस्तेमाल करना चाहिए.'' 

जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए चौहान ने कहा पूरी दुनिया भूमंडलीय तापमान में इजाफा होने के कारण मानवजाति पर होने वाले इसके विनाशकारी प्रभाव से चिंतित है. इस भौतिकवादी समाज में प्रकृति के शोषण की होड़ लगी हुई है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ''यह एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है कि क्या हम अपनी भविष्य की पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य छोड़ कर जायेंगे.'' उन्होंने कहा कि भारत इस खतरे से अवगत है और इससे निपटने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं.

चौहान ने कहा, ''अल्पकालीन और थोडे से फायदे के लिए क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य छोड़ कर जा रहे हैं और यही आज का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है.'' 

उन्होंने जोर देकर कहा कि एकात्म मानववाद का दर्शन 21 वीं सदी में सबसे अधिक प्रासंगिक है और समावेशी विकास तभी संभव है जब सबके साथ समान व्यवहार किया जाए.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दर्शन को लागू करने पर काम कर रहे हैं.

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