फारुक का PAK प्रेम, कहा-बातचीत के लिए पाकिस्तान भी एक पार्टी

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नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्लाकश्मीर मसले के हल के लिए पाकिस्तान से बातचीत की पैरवी की है. फारुक ने कहा कि दोस्त बदले जा सकते है, पड़ोसी नहीं बदले जा सकते. फारुक ने जी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि कश्मीर मसले के हल के लिए पाकिस्तान भी एक पार्टी है.

पूर्व सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने कश्मीर में बातचीत के लिए जो फैसला लिया है वो जल्दबाजी में उठाया गया कदम है. आपको बता दें कि फारुक अब्दुल्ला इससे पहले भी कश्मीर मसले के हल को लेकर कई बार विवाद बयान दे चुके है. फारुक ने यह भी कहा था कि इस मसले के हल के लिए तीसरे पक्ष को मध्यस्थता के लिए लाना चाहिए. फारुक ने कश्मीर मामले में चीन और अमेरिका द्वारा मध्यस्थता करने की बात की थी. 

21 जुलाई 2017 को फारुक ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद कई बार कह चुके हैं कि वो कश्मीर मामले में मध्यस्थता की बात कह चुके है, जबकि हमने उनसे ऐसी कोई बात नहीं कही है. वहीं चीन भी चाहता है कि वो इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाए. फारुक अब्दुल्ला इससे पहले भी कश्मीर मामले पर विवादित बयान दे चुके है. एक बार तो उन्होंने कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों का समर्थन करते हुए कहा था कि वो लोग अपने देश के लिए लड़ रहे हैं. इसके बाद उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी.

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में शांति के लिए नई पहल के तहत केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्य में सभी पक्षों के साथ ‘सतत संवाद’ के लिए पूर्व आईबी प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को अपना विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा था कि गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक शर्मा कैबिनेट सचिव का दर्जा रखेंगे और उन्हें यह निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता होगी वह किन से बात करें.

राजनाथ से पूछा गया था कि क्या शर्मा हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ बातचीत करेंगे. राजनाथ ने कहा कि शर्मा जनता और संगठनों के सभी पक्षों से बातचीत करेंगे और उनके लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गयी है क्योंकि यह विषय संवेदनशील है. 

शर्मा भारतीय पुलिस सेवा के 1979 बैच के अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं . वह 1990 के दशक में जम्मू कश्मीर में सेवाएं दे चुके हैं और पिछले साल सेवानिवृत्त हुए. शर्मा ने दिसंबर 2014 से 2016 के बीच गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दीं . वह राज्य की जनता, खासकर युवाओं की आकांक्षाओं को समझने के लिए सतत संवाद और वार्तालाप शुरू करेंगे और उन आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे. 

राजनाथ सिंह ने कहा ‘‘केंद्र ने कश्मीर मुद्दे पर दृढ़संकल्प और निरंतरता दिखाई है और इस नीति को आगे बढ़ा रहा है. हमने जम्मू कश्मीर के लिए सतत संवाद नीति शुरू करने का फैसला किया है.’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर से जुड़े मुद्दों को लेकर संवेदनशील है.

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