एलफिंस्टन हादसे के बाद रेलवे ने लिए बड़े फैसले, अब होंगे ये बदलाव...

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नई दिल्‍ली- मुंबई के एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर शुक्रवार को मची भगदड़ में 23 लोगों की मौत के बाद रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियतों के मद्देनजर कई अहम फैसले लिए हैं. रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठकों के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कुछ बड़े फैसले लिए. इसके तहत 'यात्रियों के लिए सुविधा' माना जाने वाले पुल को अब देश के सभी रेलवे स्टेशनों के लिए जरूरी पहलू माना जाएगा.

हाईलेवल मी‍टिंग में हुए बड़े फैसले...

  • फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), प्लेटफॉर्म और प्लेटफॉर्म के अंत पर मार्गों को सुरक्षा के मद्देनजर सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाएगा और इनके लिए बजट का कोई प्रतिबंध नहीं होगा.
  • अगले 18 महीनों के लिए महाप्रबंधकों को सुरक्षा संबंधी मुद्दों के लिए बजट निर्धारित करने का अधिकार दिया गया. इसके लिए एक सप्ताह के भीतर प्रावधान के लिए मंजूरी के लिए वित्त आयुक्त को सूचित किया जाएगा और वित्त आयुक्त को 15 दिनों के भीतर जवाब देना होगा. 
  • मुंबई के भीड़भाड़ वाले उपनगरीय स्टेशनों और अन्‍य ज्‍यादा भीड़भाड़ वाले स्‍टेशनों पर अतिरिक्‍त एस्केलेटरों को मंजूरी दी गई है.
  • मुख्यालय में बैठे 200 अधिकारियों को अब फील्ड स्टाफ के तौर पर काम करना होगा, ताकि ग्राउंड ऑपरेशन और प्रॉजेक्ट को गति दी जा सके. 
  • देशभर में 75 रेलवे स्टेशनों पर तेजतर्रार स्टेशन निदेशक तैनात किए जाएंगे, ताकि ऑपरेशंस में गतिशीलता लाई जा सके.
  • मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों में सुरक्षा और कड़ी करने के लिए निगरानी प्रबंधन के साथ अगले 15 महीनों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे. देशभर में भी यह काम समानांतर रूप से चलेगा.
  • मध्य रेलवे पर लंबे समय से अटके हुए कल्याण यार्ड रीमॉडलिंग के काम को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा.
  • परियोजनाएं लागू करने में देरी और लालफीताशाही के लिए रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को और अधिकार दिए गए हैं, ताकि वे यात्रियों की संरक्षा के उपायों पर धनराशि खर्च कर सकें.

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