बीएसएफ की पाक रेंजर्स को चेतावनी, उकसावे की कार्रवाई का ठोस जवाब मिलेगा

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जम्मू: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तानी रेंजर्स के वरिष्ठ कमांडरों ने सीमापार से गोलीबारी की घटनाओं की पृष्ठभूमि में शुक्रवार (29 सितंबर) बैठक की और इस दौरान बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स से कहा कि पड़ोसी देश के बलों की कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई का बराबरी से तथा अधिक मजबूत कदमों के साथ जवाब दिया जाएगा. बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने यहां कहा कि बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के सेक्टर कमांडरों ने करीब सात महीने के अंतराल के बाद फ्लैग मीटिंग की.

प्रवक्ता ने बताया कि बैठक शुक्रवार (29 सितंबर) को अंतरराष्ट्रीय सीमा के सुचेतगढ़ सेक्टर में हुई. पाकिस्तान रेंजर्स के अनुरोध पर हुई बैठक करीब 105 मिनट तक चली. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अमन चैन बनाये रखने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा, ‘‘सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में बैठक हुई और दोनों पक्षों ने पहले की एक बैठक में लिये गये फैसलों का क्रियान्वयन तेज करने पर रजामंदी जताई.’’ हालांकि भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट कर दिया कि किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई पर बराबरी से और मजबूत जवाब दिया जाएगा.

बीएसएफ के प्रतिनिधिमंडल में 17 अधिकारी थे जिसका नेतृत्व जम्मू सेक्टर में बीएसएफ के डीआईजी पी एस धीमान ने किया. सियालकोट पंजाब के चेनाब रेंजर्स के सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर अमजद हुसैन ने पाकिस्तान के 14 अफसरों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की. पिछली सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक नौ मार्च 2017 को हुई थी. प्रवक्ता ने बताया कि बीएसएफ ने शुक्रवार (29 सितंबर) की बैठक में बीएसएफ के दो जवानों- कांस्टेबल ब्रजेंद्र बहादुर तथा के के अप्पा राव की नृशंस हत्या पर विरोध दर्ज कराया जो सीमा पर ड्यूटी पर तैनात थे.

उन्होंने कहा, ‘‘बीएसएफ ने भारत के कई सीमावर्ती गांवों पर बिना उकसावे के सीमापार से की गई गोलीबारी और गोलेबारी का भी विरोध किया जिसकी वजह से चार सितंबर को अरनिया क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गयी थी.’’ प्रवक्ता के अनुसार रात में घुसपैठ के प्रयासों पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान रेंजर्स ने सीमा पर अमन बनाये रखने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया और अनुरोध किया कि बीएसएफ को भी संयम बरतना चाहिए ताकि पाकिस्तान की तरफ लोगों की जान नहीं जाए.’’ 

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