देशभक्ति की व्याख्या बदलने की कोशिश हो रही है- तुषार

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सीकर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने कहा है कि देशभक्ति की व्याख्या को बदलने की कोशिश की जा रही है। देश भक्ति के झूठे प्रमाणपत्र दिये जा रहे हैं, जो देश के लिए बडा खतरा है। झुंझनूं जिले के नुआ गांव में ‘इंडियन अयूब’ के नाम से प्रसिद्ध कैप्टन अयूब खान की पहली बरसी में आये तुषार गांधी ने कहा कि देशभक्ति के झूठे प्रमाणपत्र बांटे जा रहे हैं, यह देश के लिए काफी बड़ा खतरा है। 

उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहलू खां के मामले को बंद करने की बात कही गई। ऐसे में लोगों से मुल्क की कानून व्यवस्था से विश्वास उठता जाएगा। ऐसे में देश पर खतरा सीमाओं से नहीं आए, यह खतरा देश के अंदर से ही आएगा। उन्होंने कहा कि देश का कानून यह नहीं कहता कि आप स्वयं किसी व्यक्ति को सजा दे। कथित गौ रक्षकों ने पहलू खां की पीट पीट कर हत्या कर दी थी। हमारे देश में कानून है, किसी को सजा कानून देता है। उन्होंने दावा किया कि देश में अराजकता का माहौल है। सत्ता के खिलाफ बोलने वाले की आवाज दबा दी जाती है। उन्होंने झुंझुनूं को शहीदों की भूमि बताते हुए कहा कि शहीदों की भूमि पर आकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। 

तुषार गांधी, शहीद परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद खान की वीरांगना रसूलन बीबी, डॉ. घासीराम वर्मा और अयूब खान की यूनिट से आए सेना के जवानों ने कैप्टन अयूब खान को श्रद्धांजलि दी गई और 20 शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मांग की गई कि कैप्टन अय्यूब खान जिस टैंक को पाकिस्तानी सेना से छीनकर लाए थे, उसको झुंझुनूं में शहीद स्मारक में लाकर स्थापित किया जाए। वर्तमान में यह टैक अहमद नगर में रखा हुआ है। गौरतलब है कि 1965 के भारत पाक युद्ध में कैप्टन अय्यूब खान में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने युद्ध में पाकिस्तान के चार टैंकों को नष्ट कर दिया था। एक टैंक सुरक्षित ले आए थे। कैप्टन अय्यूब खान झुंझुनूं के दो मर्तबा सांसद व एक मर्तबा केन्द्र में मंत्री भी रहे हैं। कैप्टन अय्यूब खान का गत 15 सितम्बर 2016 को इंतकाल हो गया था।

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