निजी स्कूलों की ‘मनमानी’ पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा है NCPCR

img

नयी दिल्ली। गुरूग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय बच्चे की नृशंस हत्या की घटना के मद्देनजर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) बच्चों की सुरक्षा को लेकर ‘समग्र दिशानिर्देश’ जारी करने जा रहा है ताकि अलग-अलग विभागों के दिशानिर्देशों को लेकर पैदा होने वाली असमंजस की स्थिति को खत्म किया जा सके और संस्थानों खासकर निजी स्कूलों के प्रबंधन पर सरकारी व्यवस्था का पहले से ज्यादा नियंत्रण हो। एनसीपीसीआर के सदस्य (शिक्षा एवं आरटीई) प्रियंक कानूनगो ने कहा, ‘‘बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के 18 दिशानिर्देश हैं। राज्य सरकारों और दूसरे विभागों के अपने दिशानिर्देश हैं। अलग-अलग दिशानिर्देश होने की वजह से असमंजस की स्थिति पैदा होती है और सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। 

ऐसे में हम सभी दिशानिर्देशों को संकलित करके एक समग्र दिशानिर्देश बना रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समग्र दिशानिर्देश को लेकर काम अंतिम चरण में है। आशा करते हैं कि अगले महीने यह समग्र दिशानिर्देश एक पुस्तिका की शक्ल में जारी कर दिया जाएगा।’’  कानूनगो ने कहा, ‘‘समग्र दिशानिर्देशों को तैयार करने के बाद हम सभी सरकारी विद्यालयों, निजी स्कूलों, अभिभावकों तथा विभागों एवं बोर्डों के पास पहुंचाएंगे। निजी स्कूलों तक इसे अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाएगा।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या निजी स्कूलों की कथित मनमानी और लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए इस ‘समग्र दिशानिर्देश’ में प्रावधान होंगे तो कानूनगो ने कहा, ‘‘चीजें राज्यों और केंद्रीय बोर्डों के बीच उलझी हुई हैं, इसलिए मनमानी और लापरवाही के मामले में कारगर कार्रवाई नहीं हो पाती हैं। हमारी कोशिश यही है कि समग्र दिशानिर्देश के जरिए निजी स्कूलों पर सरकारी व्यवस्था का ज्यादा नियंत्रण हो और उनकी मनमानी रूक सके।’’

कानूनगो ने कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मियों को सुरक्षा और दूसरे अहम मुद्दों को लेकर जानकारी नहीं होती है और यह व्यवस्थागत खामी के कारण है इसलिए निजी स्कूलों के संदर्भ में समग्र दिशानिर्देश की ज्यादा अहमियत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कोशिश होगी कि समग्र दिशानिर्देश सभी स्कूलों तक जल्द से जल्द पहुंचे और इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो।’’ एनसीपीसीआर के सदस्य ने कहा कि देश में करीब 14 लाख स्कूल हैं जिनमें 23 फीसदी निजी स्कूल हैं और इन निजी स्कूलों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थागत खामियां ज्यादा हैं। आयोग गुरूग्राम की घटना के बाद समग्र दिशानिर्देश को जल्द से जल्द जारी करने के प्रयास में है। रयान इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा दो का छात्र अपने स्कूल के वॉशरूम में मृत अवस्था में मिला था। उसकी गला काटकर हत्या की गई थी। इस घटना ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया।

Similar Post