दार्जिलिंग स्थिति पर सर्वदलीय बैठक में होगी चर्चा

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दार्जिलिंग। दार्जिलिंग स्थिति पर चर्चा के लिए मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सिलीगुड़ी में आयोजित सर्वदलीय बैठक पर सभी की नजर लगी हुई है। इस पर्वतीय क्षेत्र में आज अनिश्चितकालीन हड़ताल का 90वां दिन है। गत 29 अगस्त की वार्ता के बाद राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह दूसरी सर्वदलीय बैठक है। पर्वतीय क्षेत्र में अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने के मुद्दे को लेकर जीजेएम में फूट की पृष्ठभूमि में यह बैठक होगी। 

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने पहले कहा था कि यदि अलग गोरखालैंड राज्य के मुद्दे पर चर्चा नहीं की गयी तो वह बैठक में भाग नहीं लेगा लेकिन जीजेएम ने कल कहा कि तीन विधायकों समेत पार्टी का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेगा। पार्टी प्रमुख विमल गुरुंग द्वारा जीजेएम से निष्कासित विनय तमांग और अनित थापा भी अपनी व्यक्तिगत क्षमता से बैठक में भाग लेंगे क्योंकि उन्हें राज्य सरकार ने आमंत्रित किया है। जीजेएम के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि हालांकि पार्टी ने बैठक में भाग लेने का फैसला किया था और केन्द्र सरकार से इस संकट के समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता कराये जाने का भी आग्रह किया था। गिरि ने कहा कि जीजेएम विधायक अमर सिंह राय के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल और पार्टी का तमांग और थापा के साथ कोई लेना देना नहीं है। गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पार्टियां भी बैठक में भाग लेंगी। 

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देब ने कहा कि उन्हे उम्मीद है कि दार्जिलिंग में संकट जल्द ही खत्म होगा और पर्वतीय क्षेत्र में शांति का माहौल फिर कायम होगा। गत 15 जून को बंद की शुरूआत होने के बाद से पहली बार टीएमसी ने कल रात दार्जिलिंग शहर में पार्टी का अपना कार्यालय फिर खोला था। पहली सर्वदलीय बैठक के बाद तमांग और थापा के जीजेएम से निष्कासन के बाद पार्टी में मतभेद होना शुरू हो गये थे। पुलिस और प्रशासन ने लगातार चौथे दिन स्थानीय लोगों से पर्वतीय क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने और दुकानों को खोलने की अपील की।कुरसिओंग, दार्जिलिंग और मिरिक में निवासियों ने शांति रैलियां निकाली। पर्वतीय क्षेत्र में गत 18 जून से इंटरनेट सेवाएं बाधित है।

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