चोटी काटने के मामलों ने पकड़ी रफ्तार

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भयभीत लोग संत महात्माओं व तात्रिकों की शरण में

अखनूर : गत कुछ दिनों से अखनूर तथा इसके आस पास के क्षेत्रों में महिलाओं, युवतियों व लड़कियों की चोटी काटे जाने के मामलों में लगातर हो रही बढ़ोतरी से यहां लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है वहीं चोटी काटने के मामलों से भयभीत लोग संत, महात्माओं व तात्रिकों की शरण में जाने के  लिए मजबूर है। गत रात विभिन्न क्षेत्रों में 6 महिलाओं,युवतियों व लड़कियों की चोटी कट जाने से क्षेत्रों के लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।

गांव पलवाल ब्रह्मणा में गत रात 28 वर्षीय शारदा देवी पत्नी प्रदीप कुमार की चोटी कट जाने से परिजनों के हौश ही उड़ गए। इसी तरह गांव परी तरेयाइ में 10 वर्षीय निहारिका देवी पुत्री जोगिन्द्र कुमार की चोटी कट गई। गांव कोट मैरा में 65 साल की गारो देवी पत्नी बिहारी लाल, इन्द्रीपतन ज्यौडियां में 32 साल की कामनी देवी पत्नी औंकर सिंह की चोटी कट गई। गांव गंडरावां में 15 वर्षीय अन्जु देवी की चोटी कटने का मामला प्रकाश में आया है। इसी तरह ज्यौडियां पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र आते गांव जड़ में शीलो देवी पत्नी चमन लाल की चोटी कट गई ।

भयभीत लोगों जाने लगे तांत्रिकों की शरण में
अखनूर,ज्यौडियां व खौड क्षेत्र में चोटी कटने के मामलों मं लगातर हो रही बृद्धि के कारण लोगों में भय का माहौल व्याप्त होने से लोग सेत, महात्माओं व तांत्रिकों की शरण में जा रहे है। जिसमें लोग टोना टोटका करने के साथ तांत्रिकों से तावीज व अन्य मंत्रे हुए धागे, सेती सरसों व जल का छिडकाव अपने घरों में कर रहे है। वहीं दहशत से भयभीत लोग अपने घरों के बाहर के दरवाजे पर संदूर के साथ स्वास्तीक का निशान लगा रहे है।

पुलिस के लिए भी बनी अनसुलझी पहेली
चोटी काटने के मामलों में लगातार हो रही बृद्धि के कारण पुलिस तथा पुलिस का खुफिया तंत्र भी सकते में आ गया है। रहस्यमयी परिस्थितियों में चोटी काटे जाने के मामले पुलिस के लिए अन सुलझी पहेली बन कर रहे गए है। जिसमें पुलिस द्वारा जिन महिलाओं की चोटी कट जाती है से पुछतात करने पर कोई भी नतीजा सामने न आने से चोटी कटने के मामलों का कोई भी सुराग न मिलने से  पुलिस भी अपने आपको असहाय समझने लगी है।

अफवाहों पर है जोर
चोटी काटने के मामलों में लगातर अफवाएं उड़ रही है कि कि कोई कीड़ा जो बाल चाट कर चोटी गिरा देता है क्योंकि अगर बाल कैंची से कटे हो तो बाल काटने के निशान साफ साफ दिखाई देते है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अफवाह फैल गई है कि कोई काली छाया रात के समय में आकर बाल काट के चली जाती है।

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