शिवसेना ने जैन मुनि को जाकिर नाइक के समान बताया

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मुम्बई। शिवसेना ने आरोप लगाया है कि हाल में मीरा-भयंदर महानगरपालिका में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ‘‘पैसों’’ और ‘‘मुनि’’ की मदद से हुई है और उसने चुनाव अधिकारियों को भाजपा के लिए कथित रूप से प्रचार करने वाले जैन मुनि के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने बुधवार को चुनाव आचार संहिता का कथित रूप से उल्लंघन करने के लिए जैन मुनि नयापद्मसागरजी महाराज के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) का रूख किया और उन्हें विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक के समान बताया।

पार्टी ने कहा, ''भाजपा ने केवल पैसों और मुनि के बल पर यह चुनाव जीता। जैन मुनि जाकिर नाईक से कम नहीं है। दोनों ने धर्म के नाम पर अवैध फतवे जारी किये। यह जैन मुनि दरअसल एक राजनीतिक गुंडा है।’’ शिवसेना नेता संजय राउत ने यहां पत्रकारों से कहा, ''उन्होंने न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया बल्कि उच्चतम न्यायालय का भी अनादर किया जिसने आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति धर्म के नाम पर वोट नहीं मांग सकता।’’

उन्होंने कहा कि मुनि के बल पर जीते मीरा-भयंदर के सभी पार्षदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। राज्यसभा सांसद ने कहा, ''हमने जैन मुनि के खिलाफ एसईसी को शिकायत की और मुनि के बल पर जीतने वाले सभी पार्षदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है।’’ मीरा-भयंदर नगर निगम चुनावों के दौरान कथित रूप से प्रचारित एक वीडियो संदेश में जैन मुनि ने कथित रूप से अपने अनुयायियों से भाजपा के लिए वोट करने का आग्रह किया था। मुनि ने कथित रूप से संदेश में कहा, ''यदि आप भाजपा के लिए मतदान नहीं करते हैं तो नये बूचड़खाने खुल जायेंगे।’’ राउत ने दावा किया कि यह सेना ही थी जिसने 1993 में मुम्बई सांप्रदायिक दंगों के दौरान जैन समुदाय के सदस्यों की रक्षा की थी।

इस बीच भाजपा ने शिवसेना पर जवाबी हमला किया और कहा कि उसे जैन धार्मिक गुरु के बारे में अपशब्द नहीं कहने की ताकीद की। भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ''जैन मुनि को निशाना बनाने की जगह शिवसेना को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए क्योंकि मीरा-भयंदर नगरपालिका चुनावों में लोगों ने उसे खारिज कर दिया है।’’ भाजपा ने 20 अगस्त को हुए चुनावों में 95 सीटों में से 61 सीटों पर जीत दर्ज की और सेना को केवल 22 सीटें मिली। भंडारी ने कहा, ''सेना को हिंदुत्व विरासत पर दावा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि एक ऐसे जैन मुनि को नीचा दिखाया जा रहा है जिसने अपना पूरा जीवन सामाजिक कार्य के लिए समर्पित कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद से शिवसेना उतार पर है और इस चुनाव में केवल उसकी हार की पुनरावृत्ति हुई है।’’ 

इस बीच भाजपा सासंद किरीट सौमेया ने जैन मुनि की ''नाईक जैसे आतंकवादी’’ के साथ तुलना करने की कडी निंदा की। उन्होंने कहा, ''वह (शिवसेना नेता) घमंड की सभी सीमाओं को लांघ रहे हैं।

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