हम सदन में लड़ते झगड़ते रहे, लेकिन बाहर एकसाथ रहे- गुलाम नबी आजाद

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राज्यसभा के नए सभापति वेंकैया नायूड के स्वागत में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अपने विचार रखें। उन्होंने इस मौके पर वेंकैया नायडू की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वेंकैया ने काफी नीचे से ऊपर तक का सफर तय किया। गुलाम नबी आजाद ने वेंकैया नायडू को नई जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस की तरफ से बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम सदन में कई मुददों को लेकर लड़ते झगड़ते रहे, लेकिन बाहर जब भी मिले तो एकसाथ रहे। 

गुलाम नबी आजाद के भाषण की खास बातें...

आजाद ने नायडू को पद संभालने पर बधाई के साथ उनका कर्तव्य भी याद दिलाया।
उन्होंने वेंकैया नायडू से कहा कि इस पद पर रहते हुए उन्हें न्याय करना है।
आजाद ने कहा कि जिस पद पर नायडू बैठे हैं, उस सीट के पीछे एक तराजू है।
यह तराजू जज, स्पीकर या राज्यसभा चेयरमैन को याद दिलाता है कि वह निष्पक्ष है।
आजाद ने कहा कि इस पद पर इंसान सिर्फ इंसान होता है।
न्याय करते वक्त न धर्म होता है, न ही उसकी पार्टी होती है।
आजाद ने कहा हम आपकी लंबी आयु की कामना करते हैं।
सदन के नेता परंपराओं को इसलिए याद दिलाते हैं ताकि आगे भी परंपराएं बनी रहें।

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