नीतीश के फैसले से सहमत नहीं, जनादेश इसके लिए नहीं था - शरद यादव

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नई दिल्ली : जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव सोमवार खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है. शरद यादव में बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि वो इससे समहत नहीं थे. उन्होंने कहा कि बिहार में जनादेश इसके लिए नहीं था. महागठबंधन के टूटने के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि शरद यादव नीतीश के फैसले से खुश नहीं हैं. लेकिन उन्होंने अब तक कुछ भी खुलकर नहीं बोला था. इस बीच उनके घर पर विपक्ष के कई नेताओं का आना-जाना लगा रहा. 

I don't agree with the decision in Bihar, its unfortunate.The mandate by the people was not for this: Sharad Yadav,JDU pic.twitter.com/RZDKlpKn2p

 

— ANI (@ANI_news) July 31, 2017

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए खेमे में लौटने और बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बाद शुक्रवार (28 जुलाई) को जिस दिन नीतीश ने बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया उसी दिन कांग्रेस के नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कि शरद के घर जाकर उनसे लंबी बात की थी. 

लालू का दावा बीजपेी के साथ नहीं जा सकते शरद

राजद चीफ लालू प्रसाद ने रविवार को शरद यादव के भाजपा के साथ नहीं जाने का आज दावा करते हुए उनसे अपील की कि सांप्रदायिक ताकतों को परास्त करने के लिए वे पूरे देश का भ्रमण करें तथा इसमें वे अपनी पूरी शक्ति लगा दें. लालू ने कहा कि आज देश में जिस प्रकार का संप्रदायिक माहौल उत्पन्न किया गया है वैसी स्थिति में शरद जी जैसे धर्मनिरपेक्ष नेताओं की सख्त जरूरत है. उल्लेखनीय है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इससे पूर्व शरद यादव को यूपीए में भी शामिल होने का भी न्योता दिया था, पर शरद द्वारा इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की गयी है.

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