शशिकला जेल रिश्वत मामला: डी रूपा को राव ने नोटिस दिया

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बेंगलूरू। अन्नाद्रमुक (अम्मा) की नेता वीके शशिकला को जेल में कथित रूप से विशेष सुविधा दिये जाने से संबद्ध विवादित देने वाली पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी को कर्नाटक के स्थानांतरित डीजीपी एचएन सत्यनारायण राव ने बुधवार को कानूनी नोटिस सौंप दिया। वरिष्ठ अधिकारी डी रूपा को भेजे नोटिस में राव ने कहा, ‘‘आपको (डी रूपा) अगले तीन दिनों में सभी प्रमुख अखबारों में विधिवत माफीनामा अवश्य प्रकाशित कराना होगा, अगर ऐसा नहीं किया गया तो मैं आपसे मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रूपए वसूलने के लिए समुचित कानूनी प्रक्रिया शुरू करूंगा। इसमें दीवानी और फौजदारी दोनों तरह की कार्रवाई शामिल होगी।’’

रूपा ने आरोप लगाया था कि शशिकला को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये दो करोड़ रुपये की राशि का आदान प्रदान हुआ था और उन्होंने मामले में राव को घसीटते हुए यह दावा किया था कि ऐसी ‘‘चर्चा’’ है कि वह (राव) भी इसमें लाभार्थी हैं। बाद में उन्हें जेल विभाग से मुक्त कर दिया गया, लेकिन अब भी वह अपने रुख पर कायम हैं। राव ने दावा किया कि इन आरोपों ने उन्हें मानसिक पीड़ा देने के अलावा उनके नाम, प्रसिद्धि और ईमानदारी को गंभीर क्षति पहुंचायी है। उन्होंने दलील दी कि रूपा जेल परिसर में कहीं भी तस्वीरें ले सकती थीं, लिहाजा किसी दोषी को जेल में विशेष भोजन के लिये रसोईघर की व्यवस्था जैसी तमाम वीआईपी सुविधाएं दिये जाने को लेकर वह तस्वीरें लेने से कैसे चूक सकती थीं। उन्होंने दावा किया, ‘‘वह तस्वीरें नहीं ले सकीं, इसके पीछे वजह साफ है कि वहां ऐसा कोई रसोईघर था ही नहीं।’’ राव ने यह भी कहा कि वह ‘‘दो करोड़ रुपये’’ का पता लगाने के लिये वह आयकर विभाग से संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कथित दो करोड़ रुपये के स्रोत का पता लगाने और इसे किसने रखा है, इसे हासिल करने वाला कौन है और इसे कहां रखा, इन सब बातों की जानकारी के लिये मैं संबंधित आयकर विभाग से संपर्क करूंगा ताकि दोषी के खिलाफ कर कानून के प्रावधानों के तहत मामला चलाया जा सके।’’

मामले में कर्नाटक सरकार ने 17 जुलाई को रूपा को बाहर का रास्ता दिखाया था। रूपा ने मीडिया को अपने ऑडियो क्लिप में कहा कि ‘‘उन्होंने अपनी ड्यूटी की।’’ उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अनुरोध किया कि वह चुनाव आयोग रिश्वत मामले में ऑस्ट्रेलिया निवासी एनआरआई वीसी प्रकाश द्वारा दिल्ली पुलिस को दिये गये बयान से सुराग लें। प्रकाश ने कबूल किया था कि उसने पारापना अग्रहारा जेल में उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन और शशिकला समेत अन्नाद्रमुक पार्टी के नेताओं के बीच मुलाकात का इंतजाम करवाने में मदद की थी क्योंकि वह ‘‘जेल के कुछ अधिकारियों से परिचित था’’।

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