मोदी ने नायडू के समर्थन के लिए पवार, नीतीश को फोन किया

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एम. वेंकैया नायडू को राजग के उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु, बिहार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों और शरद पवार समेत वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात कर उनका समर्थन मांगा। यह जानकारी सरकार के एक सूत्र ने दी।

सूत्र ने कहा कि मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, राकांपा नेता शरद पवार और जदयू नेता शरद यादव से समर्थन मांगा। राजग से बाहर के कई दलों ने गठबंधन के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद को अपना समर्थन जताया है। सूत्र के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि नायडू के अनुभव को देखते हुए वह कई राजनीतिक दलों को स्वीकार्य होंगे। आगामी पांच अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी हैं।

तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू का उपराष्ट्रपति पद के लिए समर्थन करेगी। यह बात टीआरएस के सांसद बी विनोद कुमार ने कही है। पार्टी के रूख के बारे में पूछने पर विनोद कुमार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री (टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव) ने हमें समर्थन करने के लिए कहा है। उन्होंने हमसे कागजातों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा है।’’ मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राव को फोन किया और नायडू की उम्मीदवारी के लिए उनसे समर्थन मांगा।

इस बीच, तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अन्नाद्रमुक के अम्मा धड़े का नेतृत्व करने वाले पलानीस्वामी से फोन पर बात की और उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार राम नाथ कोविंद को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘पलानीस्वामी ने नायडू को शुभकामनाएं दीं।’’ नायडू को सोमवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए राजग का उम्मीदवार चुना गया था।

नायडू के नामांकन को भाजपा की दक्षिण भारत में प्रसार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी प्रमुख अमित शाह ने वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले विस्तार के लिहाज से इसे अहम क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया है। दो बार भाजपा के अध्यक्ष रह चुके नायडू को गोपाल कृष्ण गांधी के खिलाफ उतारा गया है। गांधी को कांग्रेस समेत 18 विपक्षी दलों के गठबंधन ने चुना था। लेकिन विपक्ष की तुलना में राजग के पास भारी संख्या बल होने के कारण गांधी का चुना जाना लगभग असंभव ही है।

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