आरएसएस में बढ़ा रामलाल का कद, संपर्क प्रमुख बनाने के पीछे है बड़ा प्लान

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नई दिल्ली, रविवार, 21 मार्च 2021। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने वरिष्ठ प्रचारकों में शुमार रामलाल को प्रमोशन देते हुए अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी है। जुलाई, 2019 में भाजपा से वापसी के बाद वह अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख बनाए गए थे। इस पद पर अच्छे प्रदर्शन के बाद संघ ने उन्हें संपर्क विभाग का प्रमुख बना दिया है। वर्तमान में संघ में संपर्क विभाग के काफी मायने हैं। यही वह विभाग है, जिसके जरिए संघ देश के प्रभावशाली लोगों में पैठ बनाकर उन्हें अपने से जोड़ने की कोशिश करता है। अगर अतीत में प्रणव मुखर्जी, नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी, एचसीएल के संस्थापक शिव नादर जैसे लोग संघ का मंच साझा कर चुके हैं तो यह संपर्क विभाग की मेहनत का ही नतीजा है। रामलाल के संपर्कों के माध्यम से आरएसएस आने वाले समय में देश भर के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को अपने करीब लाने की कोशिश में है।

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पद से वर्ष 2005 में संजय जोशी के हटने के बाद रामलाल को ही इसकी जिम्मेदारी मिली थी। तब से वह लगातार 13 वर्षों तक बेदाग इस पद पर रहे। भाजपा में संगठन महामंत्री का पद आरएसएस से आए किसी प्रचारक को ही मिलता है। संगठन महामंत्री का काम भाजपा और संघ के बीच कोआर्डिनेशन का होता है। भाजपा में संगठन महामंत्री ही संघ का प्रतिनिधित्व करता है। सूत्रों का कहना है कि लगातार कई वर्षों से इस पद की जिम्मेदारी उठाने के बाद रामलाल ने वर्ष 2017 में ही दायित्व मुक्त होने की इच्छा जताई थी। आखिरकार, जुलाई, 2019 में संघ ने भाजपा से उन्हें वापस बुलाया तो सियासी गलियारे में उनके साइडलाइन होने और डिमोशन की चर्चा उठने लगी थी। तब संघ सूत्रों ने ऐसी बातों को खारिज करते हुए बताया था कि उनकी एक खास मकसद से घर वापसी हुई है और उन्हें बड़े प्लान के तहत बुलाया गया है। आज संघ ने उन्हें अखिल भारतीय संपर्क विभाग का प्रमुख बनाकर बातों को सच साबित कर दिया।

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