बिहार : नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उभरी 'नाराजगी'

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पटना, गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021। बिहार में पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश सरकार में पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 'नाराजगी' के स्वर घटक दलों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (युनाइटेड) में उभरने लगे हैं। ऐसे में तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्षी दल इस नाराजगी को और हवा देंगे। बिहार में मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तार में 17 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। इसके बाद भाजपा के बाढ़ से विधायक और वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानु ने नाराजगी जताते हुए सवर्णो की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दागियों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का आरोप लगा दिया था।

इसके बाद से ही इसके कयास लगाए जाने लगे थे जदयू में भी देर-सबेर नाराजगी उभर कर सामने आएगी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से जदयू में आए जमां खान को भी मंत्री बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इसे लेकर जदयू में नाराजगी है। इस बीच, जदयू के एक विधायक ने गुरुवार को नाराजगी जाहिर कर ही दी। गोपालपुर विधानसभा से जदयू के विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं। मंडल ने बताया कि आलाकमान से आश्वासन मिला था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। "मैं मंत्री पद नहीं मिलने पर आश्चर्यचकित हूं।" उन्होंने हालांकि नाराजगी की बात से इनकार किया।

उन्होंने कहा, "पूरे बिहार में जाति का सबसे मजबूत नेता हूं। मेरी दावेदारी अन्य सभी विधायकों से ज्यादा मजबूत है। मंत्री बनने को लेकर आश्वस्त था।" उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि "मुझमें ही कोई कमी रह गई होगी, तभी तो नहीं बनाया।" उन्होंने बताया कि वे शीघ्र ही जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे। इधर, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी भी मंत्रिमंडल विस्तार में उनकी पार्टी के किसी के नाम नहीं रहने पर नाराज बताए जा रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की है।

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