राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से बहस के बाद द्रमुक का तमिलनाडु विधानसभा से बहिर्गमन

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चेन्नई, मंगलवार, 02 फ़रवरी 2021। द्रमुक ने मुंगलवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से तीखी नोक-झोंक के बाद तमिलनाडु विधानसभा से बहिर्गमन किया। राज्यपाल के पारम्परिक अभिभाषण से पहले पार्टी के सदस्यों और उनके बीच राज्य से संबंधित कुछ मुद्दों को उठाने की अनुमति देने को लेकर बहस हो गई थी। पुरोहित के अभिभाषण शुरू करने से पहले ही सदन में विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने कुछ मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया था। पुरोहित ने स्टालिन ने उनकी बात सुनने का आग्रह किया और इस बात को रेखांकित किया कि केन्द्र ने बजट में तमिलनाडु को 1.03 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

इसके बाद द्रमुख के उप प्रमुख दुरई मुरुगन और अन्य सदस्यों ने पुरोहित द्वारा बजट का जिक्र करने का विरोध किया। विपक्ष ने हंगामा करते हुए उनसे अपने अभिभाषण को पूरा करने और उसके अतिरिक्त कोई टिप्पणी ना करने की मांग की। पुरोहित ने विरोध कर रहे विपक्षी दल के सदस्यों से पूछा, ‘‘ यह सही नहीं है। बताएं इसमें क्या गलत है?’’ उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह मौजूदा विधानसभा का आखिरी सत्र है और उनसे सदन की कार्यवाही तथा बहस का पूरा लाभ उठाने की अपील की। दुरई मुरुगन और स्टालिन की ओर देखते हुए पुरोहित ने कहा, ‘‘ आप सभी वरिष्ठ नेता तथा बेहतरीन वक्ता हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह विनम्र निवेदन है।

कृपया सहयोग करें... सत्र का पूरा लाभ उठाएं।’’ उन्होंने यह जानना चाहा कि वे गुस्से में क्यों हैं और साथ ही कहा, ‘‘ गुस्सा ना करें’’। उन्होंने कहा कि उनके पास द्रमुक के लिए सुझाव है....अगर वे चाहें तो अपना विरोध जारी रख सकते हैं और सदन में वापस लौटें। दिल्ली से लगी सीमाओं पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में कांग्रेस सहित द्रमुक के अन्य सहयोगी विधायक सिर पर हरे रंग का कपड़ा बांध कर पहुंचे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्षी दल की गैर-मौजूदगी में ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया।

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