कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली नहीं चरमराई: अरविंद केजरीवाल

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नई दिल्ली, सोमवार, 25 जनवरी 2021। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि महामारी के दौरान दिल्ली ने बेहद गंभीर स्थिति का सामना किया लेकिन हाल के वर्षों में किए गए ‘सुधार’ और बेहतर प्रबंधन की वजह से यहां स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त नहीं हुई। केजरीवाल ने कहा कि कई विकसित देश और न्यूयॉर्क जैसे शहर में स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई थी लेकिन घर में पृथकवास जैसे कदमों की वजह से दिल्ली में ऐसी स्थिति नहीं बनी।

केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 3.12 लाख से ज्यादा मरीज घर में पृथकवास में स्वस्थ हुए और यह व्यवस्था सबसे पहले दिल्ली में शुरू हुई और यहीं विश्व का पहला प्लाज्मा बैंक भी स्थापित हुआ। अब तक 4,929 लोग प्लाज्मा थेरेपी की वजह से स्वस्थ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी की वजह से आयकर राजस्व में कमी आने के बाद भी सरकार अपने कर्मचारियों को वेतन देने और मुफ्त बिजली आपूर्ति समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं को बरकरार रखने में सफल रही।

उन्होंने दिल्ली सरकार के एक कार्यक्रम में कहा कि अंतिम भुगतान चक्र में 38 लाख घरों का बिजली शुल्क शून्य आया है जबकि 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं का पानी का बिल शून्य आया है। कार्यक्रम में उन्होंने राष्ट्र ध्वज भी फहराया। केजरीवाल ने कहा कि मार्च तक दिल्ली सरकार घर-घर राशन पहुंचाने का काम करेगी, जो राशन वितरण प्रणाली में ‘क्रांतिकारी’ कदम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार हेल्थ कार्ड जारी करने जा रही है जिसके तहत एक व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़े सभी रिकॉर्ड दर्ज किए जाएंगे।

सरकारी और निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) से जोड़ा जाएगा और लोग अस्पतालों में कतार में लगने के बजाए ऑनलाइन पंजीकरण लेने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को साफ करने से संबंधित परियोजना का कार्य भी समय अनुसार चल रहा है और आने वाले वर्षों में झुग्गी में रहनेवाले लोगों को फ्लैट में रहने को भेजा जाएगा।

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