ऑनलाइन रोजगार मेलों सहित ई-प्लेसमेंट पर फोकस- गर्ग

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जयपुर। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.सुभाष गर्ग ने बताया कि कोरानाकाल में विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न हो इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग का ई-लर्निंग, ई-ट्रेनिंग, ई-कम्युनिकेशन,वेबिनार,ऑनलाइन रोजगार मेलों सहित ई-प्लेसमेंट पर फोकस है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत सीईजी के विभागीय पोर्टल विकसित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे 15 लाख रुपये के खर्चे की बचत हुई है। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती सुची शर्मा, तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव प्रथम अनिल कुमार अग्रवाल, संयुक्त सचिव द्वितीय मनीष गुप्ता की उपस्थिति में बुधवार को तकनीकी शिक्षा भवन में आयोजित तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए विद्यार्थियों के शिक्षण-प्रशिक्षण में तकनीक के प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि ई-लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़ा जाए। वहीं उन्होंने विद्यार्थिर्यों को लाभान्वित करने के लिए पॉलीटेक्निक शिक्षकों को तकनीकी शिक्षा के नवाचार, शैक्षणिक उन्नयन की सूचनाएं सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया। डॉ. गर्ग ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को डूप्लीकेट मार्कशीट और माईगे्रशन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए असुविधा न हो इसके लिए हमें प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को संभागीय जिला मुख्यालयों पर ऑनलाइन डूप्लीकेट मार्कशीट और माईगे्रशन प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाये। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को इन कार्यो के लिए जोधपुर नहीं जाना पड़ेगा। 

तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए 142 परीक्षा केन्द्रों पर फ्लाइंग स्कायड,इनविजिलेटर नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जाए। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक में टीईक्यूआईपी-3 के अन्तर्गत वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में आयोजित गेट (जीएटीई) परीक्षा में क्वालीफाईड विद्यार्थियों की संख्या में 6 प्रतिशत ग्रोथ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि टीईक्यूआईपी-3 के अन्तर्गत वर्ष 2019 में गेट परीक्षा में 15 प्रतिशत विद्यार्थियों ने क्वालीफाई किया था जबकि वर्ष 2020 में गेट परीक्षा में 21 प्रतिशत विद्यार्थियों ने क्वालीफाई किया है। समूचे देश में यह उल्लेखनीय ग्रोथ है। डॉ. गर्ग ने आरटीयू के वीसी को तकनीकी शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों से सम्बधित समस्त डाटा एकीकृत कर ऑनलाईन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सिंगल क्लिक पर शिक्षकों,कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सूचनाएं देखी जा सकेंगी।

तकनीकी शिक्षा मंत्री को इससे पूर्व तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विभाग की प्रगति और उपलब्धियों के बारे में बिन्दुवार अवगत कराया। उन्हें अवगत कराया गया कि प्रदेश के युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो, इसके दृष्टिगत रखते हुए 29 राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में विद्यमान ब्रांच की क्षमता में परिवर्तन करते हुए सत्र 2020-21 से 18 पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में तथा 3 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में व्यवसाय उन्मुख नवीन ब्रांच यथा रोबोटिक्स, मैकेट्रॉनिक्स, साइबर फॉरेंसिक इन्फोर्मेशन प्रारम्भ कर दिए गए है। पॉलीटेक्निक कॉलेज जोधपुर में टी.टी.सी. जोधपुर के सहयोग से ऑटो केड का एक सप्ताह का कोर्स आयोजित किया जा चुका है। टी.टी.सी. जोधपुर में रोबोटिक्स का एक माह का कोर्स कराया जा चुका है। पॉलीटेक्निक कॉलेज भरतपुर द्वारा रेफ्रिजरेटर अनुरक्षण विषयक का एक सप्ताह का कोर्स कराया जा रहा है। 

तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री को अवगत कराया गया कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को 60 दिवस के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर समय-समय पर व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं। तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता संवद्र्धन के लिए संचालित टैक्यूप-3 परियोजना में अप्रैल 2017 से सितम्बर 2020 तक के लिए एन.पी.आई.यू. द्वारा 130 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। पूर्व सरकार द्वारा अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2018 तक मात्र 17 करोड़ 57 लाख का उपयोग किया गया। वर्तमान सरकार द्वारा 46 बीओजी बैठकें कर जनवरी 2019 से अब तक 53 करोड़ 75 लाख रूपए का उपयोग कर लिया गया है। साथ ही 15 करोड़ की राशि के उपयोग की कार्यवाही अपने अंतिम चरण में है। 

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