बाबरी मामला: आडवाणी ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए दर्ज कराया बयान

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लखनऊ, शुक्रवार, 24 जुलाई 2020। भाजपा के वयोवृद्ध नेता पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने बाबरी मस्जिद ढहाये जाने के मामले की सुनवायी कर रही सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष शुक्रवार को बयान दर्ज कराया। भाजपा नेता आडवाणी ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अपना बयान दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को भाजपा के ही वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अपना बयान अदालत में दर्ज कराया था। बाबरी मस्जिद ढहाये जाने के मामले में इस समय आरोपियों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं। सभी 32 आरोपियों के बयान सीआरपीसी की धारा-313 के तहत दर्ज हो रहे हैं।

अयोध्या में मस्जिद छह दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने ढहायी थी। उनका दावा था कि जिस जगह मस्जिद थी, वहां राम का प्राचीन मंदिर हुआ करता था। राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व आडवाणी और जोशी ने किया था। भाजपा नेता उमा भारती और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह इस मामले में अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। अदालत मामले की रोजाना सुनवायी कर रही है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप उसे 31 अगस्त तक मामले की सुनवायी पूरी कर लेनी है। विशेष न्यायाधीश एस के यादव की अदालत में 92 वर्षीय आडवाणी के बयान दर्ज कराते समय उनके वकील विमल कुमार श्रीवास्तव, के के मिश्रा और अभिषेक रंजन मौजूद थे। 

सीबीआई के वकील ललित सिंह, पी चक्रवर्ती और आर के यादव भी मौजूद थे। भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कल अदालत से कहा था कि वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में निर्दोष हैं और केन्द्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें गलत तरीके से फंसाया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मामले में पेश किये गये सबूत झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं। उल्लेखनीय है कि अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को कारसेवकों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था।

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