आजमगढ़ मामले में 12 लोग गिरफ्तार, मायावती ने की योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा, कहा- देर आए पर दुरस्त आए

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आजमगढ़, शनिवार, 13 जून 2020। आजमगढ़ जिले में महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर आइमा गांव में लड़कियों के साथ कथित छेड़छाड़ के बाद दलित समुदाय की बस्ती हुए हमले के मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शनिवार को प्रशंसा की। पुलिस अधीक्षक ने महराजगंज कोतवाली के कोतवाल को निलंबित कर दिया है, जबकि सात फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस की चार टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। 

आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह ने शनिवार को बताया कि सिकंदरपुर आइमा गांव में बुधवार देर शाम दलित समुदाय के लोगों की बस्ती की लड़कियों के साथ कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की। बस्ती के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो एक विशेष समुदाय के लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बस्ती पर हमला किया, जिसमें 12 लोग घायल हो गये थे। बस्ती के लोगों ने बृहस्पतिवार को नौ नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना में शामिल परवेज, फैजान, नूर आलम, सदरे आलम, हमीर, आरिफ, आसिफ, मेराज और सुहैल सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा फरार सात आरोपियों के खिलाफ 25-25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया कि घटना में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन पर रासुका के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीम गठित की गयी हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। घटना में लापरवाही बरतने पर महराजगंज कोतवाल अरविंद पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, मायावती ने ट्वीट किया कि आजमगढ़, कानपुर या उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में दलित या अन्य किसी भी जाति एवं धर्म की बहन-बेटी के उत्पीड़न का मामला हो, उसकी जितनी भी निन्दा की जाये, वह कम है। 

उन्होंने ट्वीट किया कि इसके दोषी किसी भी धर्म या जाति के हो, वे किसी भी पार्टी के बड़े से बड़े नेता हो या कितने भी प्रभावशाली क्यों ना हो, उनके विरुद्ध तुरन्त एवं सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चहिये। बसपा का यह कहना है और उसकी यही सलाह भी है। उन्होंने कहा कि खासकर अभी हाल ही में आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये। यह अच्छी बात है। बहन-बेटियों के मामले में कार्रवाई आगे भी तुरन्त एवं समय से होनी चाहिये।

Mayawati@Mayawati

1. यू.पी में चाहे आजमगढ़, कानपुर या अन्य किसी भी जिले में खासकर दलित बहन-बेटी के साथ हुये उत्पीड़न का मामला हो या फिर अन्य किसी भी जाति व धर्म की बहन-बेटी के साथ हुए उत्पीड़न का मामला हो, उसकी जितनी भी निन्दा की जाये, वह कम है। 1/3

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8:25 am - 13 जून 2020

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