WHEY PROTEIN ऐसे पंहुचा रहा आपको नुक्सान

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अक्सर देखा गया है की शरीर बनाने के लिए लोग गयम जाते है और प्रोटीन सप्लीमेंट के रूप में व्हेय प्रोटीन लेते है व्हे (Whey) चीज़ को ही प्रोसेस करके बनाया जाता है। व्हे प्रोटीन(Whey protein) तीन तरह के होते हैं : कंसन्ट्रेट, आइसोलेट और हाइड्रोलिसेट (hydrolysate)। कंसन्ट्रेट लोगों में ज्यादा लोकप्रिय नही है, क्योंकि इसमें कोई फ्लेवर नही होता, जबकि आइसोलेट में फैट भी कम होता है और इसमें इसके वजन का 90% तक व्हे प्रोटीन होता है। हाइड्रोलिसेट प्री डाईजेस्टेड होता है और यह बहुत जल्दी असर करता है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू यह भी है की यह बहुत ज्यादा महंगा होता है और साधारण जिम जाने वाले लोगों की पहुँच से बहुत दूर है।

ध्यान देने वाली बात ये है की हर चीज की तरह व्हे प्रोटीन के भी कुछ साइड इफ़ेक्ट होते हैं। इसमें सिर्फ प्रोटीन होने के कारण इसके अधिक सेवन से आपकी किडनी में स्टोन हो सकता है। इसके साथ ही अधिक मात्रा में प्रोटीन, लीवर पर भी बहुत दवाब डालता है। कुछ शोध बतातें है की शरीर में प्रोटीन की अधिक मात्रा से, मिनरल असंतुलित होने के कारण मिनरल बॉडी डेन्सिटी के कम होने का खतरा रहता है और अधिक लैक्टोज होने के कारण यह कब्ज़ को बढ़ावा देता है। लैक्टोज इन्टोलेरेंस से पीड़ित लोगों को व्हे प्रोटीन नही लेना चाहिए इसकी बजाय वे सोया प्रोटीन ले सकते हैं

आपको ये बताते चले की व्हे प्रोटीन या कोई भी सप्लीमेंट्स जादुई तरीके से काम नही करता है जिससे आपकी बॉडी तुरंत आपकी ड्रीम बॉडी बन जायेगी। हमारे कई सप्लीमेंट्स के साइड इफ़ेक्ट की वजह हमारा खराब खान पान और ज्यादा खाने की आदत भी है। पर्सनल जिम ट्रेनर अनिल बैलू कहते हैं की ‘ व्हे प्रोटीन जिम जाने वालों के लिए बहुत ज़रूरी है।यह वर्कआउट के दौरान ख़त्म हुई एनर्जी को फिर से शरीर में भर देता है जिससे शरीर को ज़रूरी मात्रा में प्रोटीन मिल जाता है। मसल्स के बढ़ाने में इसकी प्रमुख भूमिका रहती है।

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