सीवान के पंजवार गांव बना हॉटस्पॉट, एक ही परिवार के 17 लोगों को कोरोना

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सीवान। बिहार का सीवान जिला कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है। इस जिले में अब तक 29 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के पंजवार गांव में ओमान से लौटे एक ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से गांव के 23 लोग पॉजिटिव पाए गए। एक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि 30 वर्षीय एक युवक ओमान से 21 मार्च को अपने गांव पंजवार पहुंचा। यह युवक खुद को क्वरांटाइन नहीं किया और अपने परिजन के अलावे अन्य लोगों से मिलता-जुलता है। कहा तो यहां तक जाता है कि इसने लोगों के साथ क्रिकेट भी खेली। इसके बाद 31 मार्च को उसके सैंपल लिए गए और जब तीन अप्रैल को रिपोर्ट आई, जिसमें इसे पॉजिटिव पाया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और कोरोना का चेन तैयार हो गया था। संक्रमित युवक के संपर्क में कई लोग आ गए थे।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी कहते हैं, ''सीवान इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित हुआ है। बाहर से आए संक्रमित मरीज के इर्द-गिर्द रहने वाले ही 22-23 लोग पॉजिटिव हो गए। '' उल्लेखनीय है कि सीवान जिला इस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित है। सीवान के जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि सीवान में कुल 29 पॉजिटिव मरीज हैं। चार का निगेटिव रिपोर्ट भी आ गया है। रघुनाथपुर के पंजवार गांव के एक छोटे मुहल्ले में 23 लोग पॉजिटिव पाए गए है। इस जोन में 3 किलोमीटर के क्षेत्र को तीन अप्रैल को ही सील कर दिया गया था।''

उन्होंने आगे बताया कि पंजवार गांव के पहले संक्रमित युवक के घर के आसपास के 200 मीटर क्षेत्र के पूरी तरह सील कर दिया गया है। संक्रमित युवक के साथ नजदीकी संपर्क वाले 120 अतिरिक्त लोगों की पहचान कराई और जांच करवाई गई है, ये सभी इनके घर के 100 मीटर के क्षेत्र के अंदर के ही हैं। गांव को सैनेटाइज भी किया जा रहा है।' उल्लेखनीय है कि संक्रमित इस युवक के संपर्क में आने से एक ही परिवार के 17 लोग संक्रमित हो गए। इधर, सीवान के वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद रंजन बताते हैं कि इस जिले में बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में जाते हैं। प्रारंभिक दौर में जब लोग कोरोना की दहशत में बाहर से वापस लौट रहे थे, तब सरकार सक्रिय नहीं हुई है। जब दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग लौटे तब सरकार जगी।

इधर, भोजपुरी की प्रसिद्ध लोकगायिका चंदन तिवारी करीब 10 हजार आबादी वाले इस गांव के विषय में आईएएनएस से कहती हैं, ''पंजवार गांव सीवान की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। यह गांव अपने घर जैसा ही है, वह दो दिनों से अचानक से कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से चर्चित हुआ है। यह गांव वर्षों से बिहार के एक मॉडल गांव के रूप में जाना जाता रहा है, शिक्षा, संस्कृति, खेलकूद के केंद्र के रूप में जाना जाता है।'' वे आगे कहती है, ''गांव की चर्चा वहां लड़कियों के खेलकूद के लिए चलने वाले मैरिकॉम क्लब के लिए होती है, जिस गांव की चर्चा वहां के बिस्मिल्ला खान संगीत महाविद्यालय के लिए होती है, जिस गांव की चर्चा वहां प्रभाप्रकाश कॉलेज के लिए होती है, जिस गांव की चर्चा वहां आधे दर्जन स्कूल के लिए होती है, जिस गांव की पूरे देश दुनिया में चर्चा भोजपुरी के तीर्थस्थल के रूप में होती है, वह गांव कोरोना के लिए चर्चे में आया है। लापरवाही ने यह संख्या बढ़ायी है।''

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