विस्थापित कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को सरकारें समझें- वेंकैया नायडू

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नई दिल्ली, सोमवार, 20 जनवरी 2020। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि दशकों से विस्थापित कश्मीरी पंडितों को उनकी जन्मभूमि में वापस पुनर्वास करने की अपेक्षा को सरकारों को सहानुभूति पूर्वक समझना चाहिए। नायडू ने ट्वीट कर कहा, “मेरे विचार से कश्मीरी पंडितों की सरकारों और समाज से ये अपेक्षा जायज़ है कि वे उनकी पीड़ा और वेदना को सहानुभुति पूर्वक समझें और उनके पुनर्वास के लिए यथासंभव प्रयास करें।”

कश्मीरी पंडितों के सुरक्षित पुनर्वास में कश्मीर की जनता से सकारात्मक पहल करने की अपील करते हुए नायडू ने कहा, “ये सम्पूर्ण देश और विशेषकर कश्मीरी जनता का नैतिक दायित्व है कि वे उस भूमि के सपूतों को उनके लौटने पर सुरक्षा प्रदान करें, जो भारत के पड़ोसी द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और हिंसा के कारण अपने ही घरों से निर्वासित कर दिए गए।” उन्होंने कहा, “यह आज आवश्यक है कि कश्मीरी पंडितों तथा अन्य विस्थापित लोगों के पुनर्वास करने संबंधी न्यायोचित मांगों पर विचार किया जाय तथा उन्हें उनकी जन्मभूमि पर पुनर्स्थापित होने में सहायता की जाय।”

Vice President of India@VPSecretariat

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Replying to @VPSecretariat

ये सम्पूर्ण देश और विशेषकर कश्मीरी जनता का नैतिक दायित्व है कि वे उस भूमि के सपूतों को उनके लौटने पर सुरक्षा प्रदान करें, जो भारत के पड़ौसी द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और हिंसा के कारण अपने ही घरों से निर्वासित कर दिए गए।

Vice President of India@VPSecretariat

मेरे विचार से कश्मीरी पंडितों की सरकारों और समाज से ये अपेक्षा जायज़ है कि वे उनकी पीड़ा और वेदना को सहानुभुति पूर्वक समझें और उनके पुनर्वास के लिए यथा संभव प्रयास करें।

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10:47 AM - Jan 20, 2020

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