द्वितीय राजस्थान स्किल समिट: कौशल विकास के सार्थक परिणाम के लिए लगातार मूल्यांकन जरूरी

img

जयपुर। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के प्रबंध निदेशक समित शर्मा ने कहा कि युवाओं में कौशल विकास के क्षेत्र में संचालित कार्यक्रमों का लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है जिससे उसके सार्थक परिणाम सामने आ सकें। शर्मा शुक्रवार को होटल 'हॉलिडे इनÓ में फिक्की द्वारा आयोजित द्वितीय राजस्थान स्किल समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कौशल विकास कार्यक्रमों में पारदर्शिता लाने के लिए नए नियम लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब कौशल विकास केन्द्रों में प्रशिक्षु की फोटो के साथ आधार एनेबल्ड बायोमीट्रिक सिस्टम लगााया गया है, साथ ही एक हजार से अधिक कौशल विकास केन्द्रों पर आई पी कैमरे लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा युवाओं के प्लेसमेंट के लिए भी प्लेसमेंट कंपनी द्वारा अब प्रशिक्षाणार्थी की नियुक्ति पत्र की कॉपी, सैलेरी स्लिप, बैंक अकाउन्ट की जानकारी सहित विभिन्न दस्तावेज मांगे जाते हैं जिससे प्लेसमेंट में पारदर्शिता आए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अब प्रशिक्षाणार्थी का तकनीकी कौशल के अतिरिक्त सॉफ्ट स्किल्स का भी मूल्यांकन किया जा रहा है जिससे वह उद्योगों के आवश्यकतानुसार तैयार हो सके।  ऑटोमोटिव स्किल्स डवलपमेंट कौंसिल के अध्यक्ष निकुंज सांगी ने अप्रेन्टसशिप्स व इंटर्नशिप्स के माध्यम से उद्योग व शिक्षा के मध्य के अंतराल की भरपाई करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को कागजों में नहीं, बल्कि वास्तविकता में बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वर्कफोर्स के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर अंबूजा सीमेंट फाउन्डेशन, वोकेशनल ट्रैनिंग के महानिदेशक रवि नाइसे ने स्किल डवलपमेंट के बारे में प्रेक्टिसिंग मैनेजर के नजरिए से बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान एजुकेशन सिस्टम का व्हाइट कॉलर वाले कर्मचारी तैयार करने की ओर झुकाव है। मध्यम वर्गों में मैनुअल जॉब्स सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पाठ्यक्रमों के पुनरावलोकन, छोटे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने, स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम्स, कर्मचारियों को नई स्किल्स सिखाने जैसे कई विभिन्न उपायों के सुझाव दिए। फिक्की के महासचिव दिलीप चिनॉय ने कहा कि स्किलिंग ईको सिस्टम के लिए डिमांड और सप्लाई अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत स्किल कैपिटल बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कौशल विकास केंद्रों की पहल के लिए राजस्थान की सराहना की और कहा कि उद्यमियों को कुशल श्रमिक प्राप्त करने के लिए सरकार पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्किलिंग के लिए स्वयं के कार्यक्रम भी आरंभ करने चाहिए। इससे पहले फिक्की राजस्थान स्टेट कौंसिल के सह अध्यक्ष रणधीर विक्रम सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आर्थिक मामले में भारत अग्रणी देशों में गिना जा रहा है, ?से में कौशल विकास पर अधिक से अधिक जागरूकता की आवश्यकताहै। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और देश का भविष्य प्रशिक्षित कुशल कार्य बल पर निर्भर है, जो कौशल की कमी को दूर करेगा।  इस अवसर पर राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के अधिकारी, उद्योगपति तथा कौशल विकास केन्द्रों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
 

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement