शनि की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए शनिवार को कर सकते हैं ये उपाय

img

ज्योतिष विद्या के अनुसार शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि जिसके जैसे कर्म हो उन्हें उसी अनुसार फल देते हैं। यही कारण है कि शनि की क्रूर दशा पड़ने पर अपने कर्मों का व्यक्ति को फल भोगना ही पड़ता है। ऐसा नहीं है कि शनि ग्रह सिर्फ बुरे कर्म वालों को दंड ही देते हैं। अच्छे कर्मों वालों को वो राजा से रंक भी बना देते हैं जिसके कारण उसे धनवान बनने में समय नहीं लगता है। ज्योतिषों ने ये भी माना है कि क्रूर शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है। इसलिए कभी किसी गलती के कारण कोई गलत काम हो गया है तो कुछ उपाय अपनाकर शनि की दृष्टि से बचा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि अपने बुरे से बुरे समय में भी शनि देव की अराधना करनी चाहिए। इन उपायों को अपनाने से शनि मन की इच्छा को भी पूरा करता हैं।

  • रोजाना शनिदेव की पूजा अर्चना करें। उन्हें गंध, अक्षत, फूल, तिल का तेल चढ़ाएं। तेल से बने पकवान का भोग लगाएं।
  • शनि भगवान को शनिवार के दिन तेल चढ़ाएं। इसके बाद शनि की आरती करें और काली चीजें जैसे काली उड़द या कोई लोहे की सामाग्री या काले कपड़े का दान करें।
  • शनिवार के दिन शनि के इस मंत्र का जाप करें। ऊं नमो भगवते शनिश्चराय सूर्य पुत्राय नमः का जाप करें।
  • हर दिन प्रातः शनिदेव के दस नामों का स्मरण करने से भी शनि की क्रूर दृष्टि शांत होती है।
  • ऊं शां शनैश्चराय नमः। ऊं भूर्भवः सवः शन्नोदेवीरभि टये विह्महे नीलांजनाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्।
  • शनि के साथ भगवान शिव की पूजा करने तथा शिवलिंग पर जल चढाने से भी सभी प्रकार के कष्ट समाप्त हो जाते हैं।
  • शनिवार को आप काले रंग की गाय की पूजा करके भी प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए आपके गाय के माथे पर तिलक लगाने के बाद सींग में पवित्र धागा बांधना होगा और फिर धूप दिखानी होगी। गाय की आरती जरूर की जानी चाहिए। अंत में गाय की परिक्रमा करने के बाद उसको चार बूंदी के लड्डू भी खिलाएं।
  • शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए, इसके बाद पेड़ के सात चक्कर लगाने चाहिए। इस पूजा के बाद किसी काले कुत्ते को 7 लड्डू खिलाने से शनि भगवान प्रसन्न होते हैं और सकारात्मक परिणाम देते हैं।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement