नागरिकता तो दूर, अधिकार पर उंगली भी नहीं उठा सकती सरकार- रामविलास पासवान

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नई दिल्ली, शनिवार, 04 जनवरी 2020। केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि धर्म के आधार पर कोई सरकार किसी की नागरिकता नहीं छीन सकती। उन्होंने कहा कि चाहे दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक या उगड़ी जाति के लोग हों, वे सभी देश के असली नागरिक हैं, नागरिकता उनका जन्म सिद्ध अधिकार है। एलजेपी नेता रामविलास पासवान ने कहा कि किसी भारतीय को बेवजह इसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जहां तक राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की बात है तो अभी तक इस पर कोई बात नहीं हुई है। इसका किसी मजहब से लेना देना नहीं है, इसके आधार पर किसी की नागरिकता नहीं ली जा सकती है।

एलजेपी नेता रामविलास पासवान ने कहा कि सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता मेरा और मेरी पार्टी का मिशन है। मैंने जीवनभर दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार नागरिकता तो दूर रही, इनके अधिकार पर उंगली नहीं उठा सकती है। पासवान ने ट्वीट कर बताया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनयम, 2019 को लेकर पूरे देश में सुनियोजित तरीके से भ्रम फैलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नेकहा है कि नागरिकता संशोधन कानून नागरिकता देने के लिए है, नागरिकता छीनने के लिए नहीं है।

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