शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा ने किया जेके लोन अस्पताल का निरीक्षण

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जयपुर, सोमवार, 30 दिसम्बर 2019। शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया ने कोटा के जेके लॉन अस्पताल का निरीक्षण किया तथा राज्य सरकार द्वारा गठित जांच दल एवं अस्पताल प्रशासन की बैठक लेकर पिछले दिनों शिशुओं की मौत के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान जिला कलक्टर ओम कसेरा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज विजय सरदाना सहित विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।  शासन सचिव ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संशाधनों का अधिकतम उपयोग लेकर आवश्यक सुविधाओं में सुधार के लिए टीम भावना के साथ कार्य करें जिससे संभाग के विभिन्न क्षत्रें से आने वाले शिशुओं को समुचित इलाज की सुविधा मिल सके।

अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण कर उन्होंने इलाज के लिए दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा भर्ती शिशुओं के परिजनों से अस्पताल प्रबन्धन के द्वारा इलाज के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं शिशुओं के स्वास्थ्य के बारे में कुशलक्षेम पूछी।  अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती कुन्हाड़ी निवासी 8 वर्षीय शुभम मित्तल से उनकी दादी मिथलेश से, बूंदी के जैतपुरा निवासी बुखार से पीड़ित 3 वर्षीय लाडन के बारे में बच्चे की माता बिरमा से जानकारी लेकर अस्पताल प्रबन्धन द्वारा दी रही दवाओं एवं जांच के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में नवजात शिशुओं के उपचार के लिए अस्पताल प्रबन्धन द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं इलाज की सुविधाओं की जानकारी ली। 

ये होगी जांच टीम:- राज्य सरकार द्वारा गठित जांच दल में अतिरिक्त प्राचार्य मेडिकल कॉलेज जयपुर डॉ. अमरजीत मेहता, वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज जयपुर डॉ. रामबाबू शर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. सुनील भटनागर की तीन सदस्यीय जांच दल होगा। 

ये लिए निर्णय:- शासन सचिव ने बताया कि पिछले दिनों जेके लोन अस्पताल में भर्ती 10 शिशुओं की 48 घंटे में मौत की जांच के लिए सरकार द्वारा गठित जांच दल 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों की नियमित मरमम्त हो सके इसके लिए बीएसबीवाई एवं आरएमएसआर से त्वरित मरम्मत करवाई जाएगी तथा बजट आवंटन के बाद पुनर्भरण कर दिया जाएगा, इसके लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कि जाएगी।

एनआईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी। पिड्रियाट्रिक वार्ड के विभागाध्यक्ष स्थाई रूप से जेके लोन अस्पताल में ही बैठेंगे। नर्सिंग स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए संविदा के आधार पर सेवाएं ली जाएंगी। एनआईसीयू से जांच के नमूने लेने के लिए फ्रिक्वेंसी बढ़ाई जाएगी। अस्पताल के वार्डों में दक्ष प्रशिक्षित स्टाफ को अनावश्यक परिवर्तित नहीं किया जाएगा।

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