न्यायालय करेगा संशोधित नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता की जांच

img

नई दिल्ली, बुधवार, 18 दिसम्बर 2019। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को संशोधित नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता की जांच करने का फैसला किया, हालांकि उसने इस कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले, चुनिंदा वर्ग के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है। प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबड़े, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख 22 जनवरी 2020 तय की। 

उच्चतम न्यायालय ने संशोधित नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली मुख्य याचिका और कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग करने वाली अन्य याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया। शीर्ष न्यायालय ने इस निवेदन पर गौर किया कि संशोधित नागरिकता कानून के बारे में नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति है। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल से कहा कि जनता को ऑडियो-विजुअल माध्यम से कानून के बारे में जागरूक करने के बारे में विचार करें।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement