आगे चलकर आर्टिकल 371F को कमजोर करेगा नागरिकता संशोधन विधेयक- बाईचुंग भूटिया

img

गंगटोक, मंगलवार, 10 दिसम्बर 2019। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कई पूर्वोत्तर राज्यों के विपरीत, सिक्किम को नागरिकता (संशोधन) विधेयक के दायरे से बाहर नहीं रखे जाने पर मंगलवार को निराशा जाहिर की। ‘हमरो सिक्किम पार्टी’ के कार्यकारी अध्यक्ष भूटिया ने इस बात को लेकर डर जताया कि इस विधेयक के कारण हिमालय राज्य को मिलने वाले विशेष प्रावधान कमजोर पड़ सकते हैं, जो उसे संविधान के अनुच्छेद 371एफ के तहत हासिल है। उन्होंने सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा नीत सरकार से ‘इनर लाइन परमिट’ को लागू करने का दबाव बनाने और विधेयक पारित करने के विरोध में राजग का साथ छोड़ने को कहा। गौरतलब है कि लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के पक्ष में सोमवार को 311 और विरोध में 80 मत पड़े, जिसके बाद इसे निचले सदन की मंजूरी मिल गई।

नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है। भूटिया ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘ हम कैब से बेहद निराश हैं। विधेयक में अन्य पूर्वेात्तर राज्यों नगालैंड, मेघालय और अन्य की तरह सिक्किम को छूट नहीं दी गई।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘हम चाहते हैं कि अन्य पूर्वेात्तर राज्यों की तरह विधेयक में सिक्किम का भी लिखित वर्णन हो।’’ उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि इस प्रावधान से राज्य को अनुच्छेद 371 के तहत मिलने वाला विशेष दर्जा जारी रहेगा, लेकिन कानूनी प्रावधान अनुच्छेद 371एफ से अलग है। भूटिया ने कहा, ‘‘विधेयक निश्चित तौर पर आगे चलकर अनुच्छेद 371एफ को कमजोर करेगा।’’

उन्होंने कहा कि सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और लोकसभा में राज्य के एकमात्र सांसद इन्द्र हैंग सुब्बा कैब के दायरे से सिक्किम को बाहर रखने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री और सांसद दावा कर रहे हैं कि सिक्किम को कैब से बाहर रखने के लिए लड़ाई लड़ी लेकिन नतीजे फलदायी नहीं रहे।’

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement