महिलाओं में होता है थायराइड का अधिक खतरा, ऐसे करें पहचान

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भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई इतना व्यस्त है कि वह अपने स्वास्थ्य की ओर अधिक ध्यान नहीं दे पाता और कई बीमारियों का शिकार हो रहा है। जिनमें एक है थायराइड। थायराइड अमूमन 35 वर्ष से ज्यादा उम्र वालो को होने की सम्भावना ज्यादा होती है और यह पुरुषो के मुकाबले स्त्रियों को होने की आंशंका 9 गुना अधिक होती है।  थायरायड ग्रंथि में इन हार्मोन्स के कम या अधिक बनने पर दिक्कतें शुरू होती हैं। इनके कम बनने से शरीर में शिथिलता आ जाती है। ऐसे में उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जिसकी वजह से कई तरह की दूसरी बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है। तो इस बीमारी को आयुर्वेदिक उपायों द्वारा कैसे  दूर किया जा सकता है जानेंगे इसके बारे में। 

ऐसे करें पहचान-

  • अगर आपको कमजोरी, थकान लगना, डिप्रेशन, तनाव, नींद न आना, सिर दर्द या गर्दन में दर्द हो तो यह थायराइड का संकेत है।
  • महिलाओं में अनियमित पीरियड्स भी इसी बीमारी का लक्षण है। इसके अलावा इस बीमारी में पेट की गड़बड़ी, जोड़ो मे दर्द रहना,
  • वजन का बढ़ना या कम होना, मांसपेशियों का कमजोर होना, आंखो और चेहरे पर सूजन रहना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

अदरक: थाइराइड की समस्या झेल रहे लोगो को प्रतिदिन अदरक का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। अदरक में पोटेशियम और मैग्नीश्यिम प्रचुर मात्रा में होता है जिससे थायराइड की समस्या में बहुत ज्यादा लाभ मिलता है। अदरक ना केवल थायराइड को बढ़ने से रोकता है वरन वह उसकी कार्यप्रणाली को भी सुधारता है।

प्याज से मसाज: थायराइड को कंट्रोल करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है प्याज। इसके लिए प्याज को दो हिस्सों में काटकर सोने से पहले थायराइड ग्लैं ड के आस-पास क्लॉिक वाइज मसाज करें। मसाज के बाद गर्दन को धोने की बजाए रातभर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। कुछ दिन लगातार ऐसे करने से आपको इसके नतीजे दिखने शुरू हो जाएंगे।

हल्दी वाला दूध: रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से भी थायराइड कंट्रोल में रहता है। अगर आप हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहती तो आप हल्की को भून कर भी खा सकती हैं। इससे भी थायराइड को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

ऑयुर्वेदिक पत्तों का सेवन: इसके अलावा रोजाना सुबह खाली पेट शीशम, नीम, तुलसी, एलोवेरा और गिलोय के 5-7 पत्ते चबाएं। इससे खून की कोई खराबी नहीं होती। साथ ही इससे थायराइड के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी जड़ से खत्म हो जाती हैं।

हरा धनिया: थायराइड का घरेलू इलाज करने के लिए हरा धनिया को पीसकर उसकी चटनी बना लें। इसे 1 गिलास पानी में घोलकर रोजाना पीने से थायराइड कंट्रोल में रहेगा। आप चाहे तो चटनी का सेवन खाने के साथ भी कर सकती हैं।

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